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प्रशिक्षु डॉक्टरों ने दूसरे दिन काटा हंगामा, गेटों पर ठोके ताले

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प्रशिक्षु डाक्टरों की ओर से ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर देने से बाहर खड - फोटो : HARIDWAR
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स्टाई फंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुर्वेद के प्रशिक्षु डॉक्टरों ने दूसरे दिन फिर से जमकर हंगामा काटा। छात्रों ने मांग को लेकर ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के तीनों गेटों पर ताला ठोक दिया। जिससे मरीज और कोरोना वैक्सीनेेशन के लिए लोग परिसर में प्रवेश नहीं कर सके। सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर गेट खुलवाए। उधर, प्रशिक्षु डॉक्टरों ने सोमवार तक सीएम से वार्ता कराने की मांग की। कहा कि यदिप समय नहीं दिया गया तो सोमवार को फिर से तालाबंदी कर दी जाएगी। मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
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शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों ने स्टाई फंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। शनिवार को फिर ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों ने सुबह ओपीडी शुरू होने के समय नौ बजे तीनों गेटों पर ताले जड़ दिए। प्रशिक्षु डॉक्टरों की ओर से मुख्य गेट पर बैठक कर नारेेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। छात्रों का कहना था कि वह एलोपैथी के प्रशिक्षु डॉक्टरों के बराबर स्टाई फंड बढ़ाने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। लेकिन उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया जा रहा है। जिससे विवश होकर उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि एलोपैथी के प्रशिक्षु डॉक्टरों का स्टाई फंड बढ़ाकर 17 हजार रुपये महीना कर दिया गया है। जबकि उनका मानेदय साढ़े सात हजार रुपये ही चला आ रहा है।
उधर, गेटों के बंद होने से कोरोना वैक्सीनेशन कराने वाले और मरीज डॉक्टरों से उपचार कराने के लिए अंदर प्रवेश नहीं कर सके। कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश सिंह और शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने छात्रों को शांत किया और उन्हें कानून के दायरे में रहकर आंदोलन करने के लिए कहा। दो घंटे के बाद लगभग 11 बजे मुख्य गेट को खोला गया। इसके बाद छात्रों से कॉलेज के ऑडिटोरियम में सिटी मजिस्ट्रेट ने बैठकर सीधा संवाद किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को लेकर स्वास्थ्य सचिव से वार्ता करेंगे। इस मौके पर कॉलेज परिसर निदेशक अनूप खक्कड़, चिकित्सा अधीक्षक केके शर्मा, नरेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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