सरकार द्वारा सिडकुल बहादराबाद से होते हुए धनौरी तक प्रस्तावित टू लेन सड़क की मंजूरी मिलने से क्षेत्र के लोगोें को लाभ होगा। सिडकुल की फैक्ट्रियों के सड़क के प्रयोग में लाए जाने से जो दिक्कतें आम लोगों को हो रही थीं, अब उनके दिन बहुरने वाले हैं। योजना के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल से यह टू लेन वाया बहादराबाद धनौरी हाईवे को जोड़ेगी।
प्रदेश के गठन के बाद जब से सिडकुल अस्तित्व में आया, तब से यहां माल की आवाजाही के लिए पूर्व तक कोई भी ठोस योजना नहीं थी। कहने को भले ही भगवानपुर बाईपास नहर किनारा कांवड़ पटरी से जोड़ दिया गया हो, लेकिन सही मायनों में यह विकल्प क्षेत्र वासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। पथरी पुल के समीप मिनी सिडकुल बेगमपुर से भी माल की आवक व जाने में बेहद परेशानी का सामना करता रहा है। हरियाणा पंजाब से सिडकुल आने वाले भारी वाहनों से इस मार्ग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में विकल्प के तौर पर मार्ग चौड़ीकरण को लेकर न सिर्फ शासन, बल्कि जनप्रतिनिधि भी रास्ता तलाश रहे थे। गौरतलब है कि नेशनल हाईवे 73 का बोंगले से टर्न होना बहादराबाद पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को भले ही कम कर दिया हो, लेकिन सिडकुल एवं मिनी सिडकुल के अलावा भेल फैक्ट्री के माल की आवाजाही को लेकर आज भी यह मार्ग धनौरी तक तंग हाल ही है।
कई कालोनियां बसेंगी और महंगे होंगे रेट
सिडकुल से धनौरी टू लेन की मंजूरी की चर्चा से ही कॉलोनाइजर व फ्लैट कल्चर से जुड़े कारोबारियों में गहमागहमी शुरू हो गई है। खेती की जमीनों को आबादी में दर्ज करने को भारी संख्या में आवेदन किए जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक दौलतपुर, कमालपुर सैनी, बेगमपुर, खेड़ली नव विकसित टिहरी विस्थापित कॉलोनी सुमन नगर के अलावा सलेमपुर की भूमि में नई-नई आवासीय कालोनियां बन रही हैं। टू लेन बनने से इस मार्ग पर जमीनों के दाम भी तेजी से बढे़ंगे। क्षेत्रवासी राकेश प्रधान, डॉ. दिनेश, सुभाष सैनी, सुरेंद्र, योगेश व अमित सैनी का कहना है कि टू लेन बनने से जाम की समस्या से तो निजात मिलेगी ही, वहीं नगरीकरण की ओर भी घाड़ क्षेत्र विकसित हो जाएगा।