हरिद्वार। ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक और मजदूर संगठनों ने मजदूर आंदोलन के दमन के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। मजदूरों पर दर्ज प्राथमिकी दर्ज रद्द करने की मांग के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सिडकुल में लंबे समय से उद्योगों में मजदूर वर्ग का भयावह शोषण उत्पीड़न ने मजदूरों को आंदोलन की ओर धकेला है। उद्योगों में मालिक, प्रबंधन पहले से ही बेहद कमजोर श्रम कानूनों और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को भी रौंदते रहे हैं। न्यूनतम वेतन जो भुखमरी की रेखा को बताता है, वह भी मजदूरों को हासिल नहीं है।
कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने न्यूनतम वेतन में मामूली बढ़ोतरी की, मगर कंपनी मालिक और प्रबंधन इसे भी लागू नहीं कर रहे हैं। मजदूरों की मांग इस वेतन को लागू करने के साथ ही आज की महंगाई के अनुरूप 20 हजार करने की है। इसी अनुरूप बोनस आदि दिया जाना चाहिए।
इस मौके पर संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार से अवधेश कुमार, राज किशोर, सत्यवीर, देवेंद्र, ब्रजराज, गोविंद, वाजिद खान, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से दीपा, नीता, मालती, प्रगतिशील भोजन माता संगठन हरिद्वार से रजनी, इंकलाबी मजदूर केंद्र हरिद्वार से पंकज, जयप्रकाश, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन हरिद्वार से नासिर, जन अधिकार संगठन से ओमपाल आदि मौजूद रहे।