फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से फिर लग सकेगी पवित्र डुबकी

Sat, 21 Nov 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। करीब एक महीने बाद श्रद्धालुओं को रविवार (आज) से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगाजी के दर्शन हो सकेंगे। श्रद्घालु रविवार को गंगा में डुबकी लगा सकेंगे।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने शनिवार रात को पानी छोड़ दिया। शुक्रवार की रात ज्वालापुर में गंगनहर पर निर्माणाधीन पुल पर क्रेन का बूम टूट जाने के कारण श्रद्घालुओं को डुबकी लगाने के लिए एक दिन का और इंतजार करना पड़ा।
वैसे तो पानी शुक्रवार रात में ही छोड़ दिया गया था लेकिन ज्वालापुर में निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण 500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा सका था।
विज्ञापन

अब शनिवार रात में पानी सुचारु रूप से छोड़ा जाएगा। वार्षिक बंदी के अंतर्गत गंगनहर में गत 23 अक्तूबर की रात में भागीरथी बिंदु से पानी बंद कर दिया गया था। इस बार अर्द्घकुंभ के लिए निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। गंगा में पानी नहीं छोड़े जाने के कारण हरकी पैड़ी और ब्रह्मकुंड में पानी नहीं आने के कारण श्रद्घालुओं को गंगा स्नान करने का मौका नहीं मिल पा रहा था। गंगा बंदी की अवधि समाप्त होने के कारण अब पानी छोड़ दिया जाएगा और रविवार को हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं को पूरा पानी मिलेगा। वैसे गंगा बंदी की अवधि 20 नवंबर की रात में ही समाप्त हो गई थी और मेला प्र प्रशासन के आग्रह के बाद भी सिंचाई विभाग यूपी के अधिकारी इस अवधि को दो दिन और बढ़ाने को राजी नहीं हुए थे। उत्तरी खंड गंगनहर हैडवर्क्स के सहायक अभियंता सुशील यादव ने बताया कि शुक्रवार की रात में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया था, लेकिन तभी ज्वालापुर में पीडब्ल्यूडी का पुल गिरने की सूचना आई । इसलिए 500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था लेकिन रविवार को श्रद्घालुओं को हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के लिए पर्याप्त गंगाजल मिलेगा।
---------------
तेजी से निपटाए निर्माण कार्य
गंगा बंदी की अवधि में अर्द्घकुंभ मेले के निर्माण कार्य तेजी से निपटाने का प्रयास किया। कांगडा घाट के आसपास घाटों पर टाइल्स लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। कांगडा घाट विस्तार का काम पूरा कर लिया गया है।  सिंचाई विभाग उत्तराखंड के सहायक अभियंता एके मिश्रा ने बताया कि घाट के साथ टाइल्स का काम भी पानी के स्तर तक कर लिया गया है। यदि शुक्रवार की रात 12 बजे से भीमगोडा बैराज से पूरा जल छोड़ दिया जाता तो आज जो काम हुआ वह नहीं हो पाता। वहीं अधिशासी अभियंता डीएस कछवाहा का कहना है कि गंगा में जितने भी पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है वे पानी के स्तर तक पूरे कर लिए गए हैं। अब पानी आने के बाद भी काम चलता रहेगा। घाटों के समतलीकरण आदि का काम कर लिया जाएगा।
------------------
क्षतिग्रस्त पुल का किया निरीक्षण
हरिद्वार। अर्द्घकुंभ मेले के अंतर्गत ज्वालापुर में लालपुल के पास बन रहे पुल का काम भी तेजी से शुरू हो गया है। शुक्रवार रात करीब दस बजे निर्माणाधीन पुल पर क्रेन से भारी भरकम कॉलम लगाने के दौरान क्रेन का बूम टूट जाने के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इस दौरान कुछ देर निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। शनिवार की दोपहर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता केके जैन ने देहरादून से हरिद्वार पहुंचकर संबंधित पुल का निरीक्षण किया। हिदायत दी कि इस तरह की पुनरावृत्ति दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बूम टूटने के कारण पुल पर कोई ऐसा नुकसान नहीं हुआ है जिससे काम प्रभावित हो। तेजी से काम चल रहा है। निर्धारित अवधि में काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने ज्वालापुर स्थित पुल के साथ ही ललतारौ पुल और चिंतामणि आश्रम के पास चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य द्रुत गति से चल रहे हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें