केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गंगा के पांच किलोमीटर के दायरे में खनन करने और स्टोन क्रशरों को बंद करने संबंधी आदेश पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण खनन करने वाले और स्टोन क्रशरों के संचालक पूरा फायदा उठा रहे हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर स्टोन क्रशरों के चक्के बेधड़क चल रहे हैं। स्टोन क्रशरों के आसपास भी दिनरात खनन हो रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ दिन पहले ही गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में खनन और स्टोन क्रशरों के संचालन को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मिल चुका है। लेकिन धरातल पर इस आदेश का कोई पालन प्रशासन नहीं कर पा रहा है। क्षेत्र के कटारपुर, चांदपुर, बिशनपुर, रानीमाजरा, शाहपुर, टांडा भागमल और भोगपुर में स्टोन क्रशर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए दिनरात चल रहे हैं। कुछ स्टोन क्रशरों के कैंपस परिसर में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से खुलेआम खनन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए तहसील स्तर पर बनाई गई एसटीएफ को सतर्क किया गया है। क्षेत्र में अवैध खनन की कहीं भी कोई शिकायत नही है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। स्टोन क्रशरों की जांच के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर पहले से ही अभियान चलाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों का अनुपालन नहीं कराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मातृसदन इस बारे में अभी विचार कर रहा है।