पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 11 मोटर साइकिल बरामद की है। इनमें से सात बाइक हरिद्वार से चुराई गई थी। पकडे़ गए आरोपी मुजफ्फरनगर के रहने वाले है, जो काफी समय से इस गोरखधंधे में सक्रिय है।
एसएसपी राजीव स्वरुप के मुताबिक ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने नहर की पटरी पर चेकिंग के दौरान बाइकों पर जा रहे तीन संदिग्ध युवकों विकास कुमार निवासी इंद्रा कालोनी, यव्वर अब्बास उर्फ अभय निवासी मुहल्ला मुस्तर्क थाना मीरापुर और दीपक निवासी ग्राम बसैड़ी थाना पुरकाजी मुजफ्फरनगर को कागजात न दिखाने पर हिरासत में ले लिया।
थाने ले जाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने वाहन चोरी की घटनाओं का इकबाल किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर रानीपुर कोतवाली के आन्नेकी गांव में दबिश देकर चोरी की सात बाइक बरामद की, जबकि एक अन्य बाइक कहीं ओर से बरामद दिखाई है। तीनों आरोपी आन्नेकी गांव में एक मकान किराए पर लेकर रह रहे थे।
11 बाइकों में सेपांच के मुकदमे ज्वालापुर, एक-एक मुकदमा नगर कोतवाली औरसिडकुल पुलिस चौकी में दर्ज है। अन्य बाइक कहां से चोरी की गई इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।
वहीं, वाहन चोरों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के वाहनों का इंजन बदलने का नया ट्रेंड सामने आया है। यह लोग सड़कों पर खड़ी बाइकों को चुराते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह इंजनों का नंबर बदलने के साथ चोरी की बाइकों का इंजन ही बदल देते थे। इंजन के नए नंबर को आरसी पर स्कैन कर चेसिंज और दूसरा नंबर डाल देते थे।
ऐसे में बाइक की पहचान बदलने के साथ जाली कागजात पकड़े जाने का रिस्क कम हो जाता था। एसपी सिटी एसएस पंवार ने बताया कि 12 वीं उत्तीर्ण विकास कुमार के पिता सुनील कुमार लेखपाल रहे हैं। विकास के खिलाफ मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में 12 मुकदमे दर्ज है।