हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र स्थित शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा के श्रीमहंत सत्यम गिरि ने अखाड़े के पूर्व पदाधिकारी समेत तीन लोगों पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, श्रीमहंत सत्यम गिरि निवासी शम्भू पंचायती अटल अखाडा शंकराचार्य चौक, संन्यास मार्ग कनखल ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि अखाड़े की प्रयागराज स्थित शाखा में महंत रहे बलराम भारती को पूर्व में नियुक्त किया गया था। आरोप लगाया कि उन्होंने अखाड़े की धनराशि का दुरुपयोग किया और बिना सूचना एक महिला रागिनी पांडेय को आश्रम में रखा। विरोध होने पर साधु-संतों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। फरवरी 2025 में आंतरिक कार्रवाई के बाद 20 अप्रैल 2025 को बलराम भारती को अखाड़े की आजीवन सदस्यता और पद से निष्कासित कर दिया गया। यह कार्रवाई कनखल स्थित शाखा में हुई।
श्रीमहंत का आरोप है कि निष्कासन के बाद बलराम भारती, रागिनी पांडेय और एक कानूनी सलाहकार मिश्रा ने मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोप है कि इन लोगों ने नया आश्रम लेने के नाम पर 50 लाख की मांग की और रकम न देने पर झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि रागिनी पांडेय को टिकट कराकर हरिद्वार बुलाया गया और रकम मांगी गई। ऐसा न करने पर धमकी दी गई। थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।