रानीपुर कोतवाली क्षेत्र का मामला, पुलिस ने शुरू की विवेचना
कूटरचित दस्तावेज दिखाकर रकम ली, वापस मांगने पर धमकी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। संपत्ति का सौदा कराने के नाम पर 60 लाख की धोखाधड़ी करने और कूटरचित दस्तावेज दिखाने का आरोप लगाते हुए ज्वालापुर निवासी एक व्यक्ति ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। रानीपुर पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सुनील सैनी निवासी जुर्स कंट्री ज्वालापुर ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि वह अपने दोस्त तीरथराम गुप्ता के साथ कई वर्षों से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात देहरादून निवासी हेमंत गिरी और नई टिहरी निवासी किशोर खरोला से हुई।
दोनों ने टिहरी विस्थापित क्षेत्र शिवालिक नगर हरिद्वार और बंजारेवाला देहरादून में करीब 4040 वर्गमीटर भूमि दिलाने की बात कही। शिवालिक नगर की 2640 वर्गमीटर भूमि का सौदा पांच करोड़ में तय होने की बात कही गई। आरोप है कि सौदे के दौरान किशोर खरोला को करीब 28 लाख बैंक खातों के माध्यम से और दो लाख नकद दिए। इसके बाद इन्होंने एक कूटरचित दस्तावेज दिखाया, जिस पर सचिव सिंचाई विभाग उत्तराखंड शासन के हस्ताक्षर बताए थे।
आरोप है कि इस दस्तावेज को किशोर खरोला ने व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजा। इनकी बातों पर विश्वास कर उसने और दोस्त ने अलग-अलग किस्तों में करीब 30 लाख और दे दिए। दोनों ने संपत्ति अपने नाम कराने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने दो माह का अतिरिक्त समय मांगा।
किशोर खरोला की पत्नी अनीता ने 30 लाख का अपना हस्ताक्षरित चेक गारंटी के तौर पर दिया। आरोप है कि दो माह बीतने के बाद भी संपत्ति उनके नाम नहीं कराई। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर तीनों गाली-गलौज करने लगे और उसे व उसके परिवार को जान से मारने व झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोप लगाया कि पूरे मामले में षड्यंत्र कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करीब 60 लाख हड़पे हैं। सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच की जा रही है।