हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में बीएएमएस के छह छात्रों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को तीन और छात्रों को गिरफ्तार किए गए हैं। तीनों छात्र वर्ष 2014 बैच के हैं। इन्हीं के साथ कालेज में पढ़ रहे गिरोह के सरगना की भी तलाश की जा रही है।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में मुन्नाभाइयों को हायर करके प्रवेश परीक्षा पास करने वालों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने पहले 2015 बैच की जांच की। उसमें 6 छात्र ऐसे पाए गए जिनकी प्रवेश परीक्षा किसी और ने दी थी। उसके बाद वर्ष 2014 बैच की जांच की गई। उसमें भी तीन नाम ऐसे ही सामने आए। सुबह कालेज परिसर में एलआईयू और आईबी की टीम ने तीनों छात्रों के रिकार्ड की जांच की। सघन जांच पड़ताल की में तीनों की प्रवेश परीक्षा के एडमिट कार्ड में लगे फोटो अलग पाए गए। इसके अलावा तीनों से प्रवेश परीक्षा में आए सवाल आदि पूछे गए तो कोई जानकारी नहीं दे पाए। कालेज परिसर निदेशक प्रो. एएन पांडेय की तहरीर पर तीनों छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मायापुर चौकी प्रभारी दुर्गेश कोठियाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अब्दुल कादिर (पुत्र मजादिर हसन निवासी अलीपुर, बहादराबाद), गुरनाम (पुत्र मुल्खा सिंह निवासी कनकपुर, वकीलवाला मजरा, काशीपुर, ऊधमसिंहनगर) और शादाब अली (पुत्र शमशेर निवासी ग्राम लालचंदवाला, गोर्वधनपुर, लक्सर, हरिद्वार) शामिल हैं। तीनों से पूछताछ जारी है।
इनसेट
प्रदेश की भी जानकारी नहीं
गिरफ्तार किए गए तीनों मुन्नाभाइयों को देश दुनिया तो दूर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का नाम पता नहीं है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राष्ट्रीय धरोहर आदि के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। एक ने मुख्यमंत्री का नाम भुवन चंद्र खंडूड़ी बताया। यह तीनों आरोपी पिछले दो सालों से दी गई किसी भी परीक्षा मेें पहली बार पास नहीं हुए। बैक या एक्स परीक्षा देकर ही अगले सत्र में बढ़ते रहे। उसमें भी शक जताया जा रहा है कि इनके कुछ परीक्षाएं अन्य छात्रों ने दी है।
कोट
प्रोफेसर कमेटी लगातार जांच कर रही है। अभी तक वर्ष 2015 की रिपोर्ट तैैयार करने के बाद वर्ष 2014 बैच की जांच की जा रही है। 2014 बैच में तीन छात्रों के नाम सामने आने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब 2013 बैच की जांच की जाएगी।
प्रो. आदित्य नारायण पांडेय, निदेशक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज।