अग्निपथ योजना के विरोध में देशभर में हो रहे प्रदर्शनों और उग्र आंदोलन के बीच योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जिनको विरोध करना है वो करें लेकिन अहिंसक तरीका अपनाएं। आंदोलन की गूंज सरकार तक पहुंच चुकी है। सरकार कुछ न कुछ समाधान अवश्य निकालेगी। थोड़ी शांति और धैर्य बनाए रखें।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले पतंजलि वेलनेस सेंटर में सोमवार सुबह योगाभ्यास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में स्वामी रामदेव ने कहा कि योजना में जो भी कमी होगी उसको सरकार दूर कर रही है और करेगी। उन्हाेंने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान किसी भी युवा को नहीं करना चाहिए। देश फूंककर देश की सेवा नहीं हो सकती है।
अग्निवीर की सेवा एक दिन की मिले या चार साल की सरकार को निर्धारित करना है। कुछ लोग सेवा को सात साल की होनी चाहिए कह रहे हैं। देश के बुद्धिजीवियों की राय आ चुकी है। विरोध के स्वर भी सत्ता के कानों तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी धीरज रखने की आवश्यकता है। इस आंदोलन के स्वर भी गूंज रहे हैं। कुछ न कुछ तो समाधान अवश्य निकलेगा।
स्वामी रामदेव ने कहा कि युवा अग्निपथ नहीं योग पथ पर चलें। अग्निपथ से उनका आश्रय देशभर में हिंसक प्रदर्शन और ट्रेनों में आगजनी की घटनाओं से था। उन्होंने कहा कि योग पथ पर चलकर विरोध भी अहिंसक होता है। धर्म, राजनीति, खेती, व्यापार और आंदोलन अहिंसक होना चाहिए। मीडिया में एंकर भी अहिंसक होने चाहिए।