दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटना होने पर हेलमेट ही उनकी जिंदगी की रक्षा करता है। यही वजह है कि दोपहिया वाहनों पर सवार होने वाले चार साल से कम आयु के बच्चों के लिए भी क्रैश हेलमेट की अनिवार्यता है। लेकिन सड़कों पर फर्राटा भरने वाले अधिकतर वाहन चालक अपनी ही नहीं बल्कि अपनों की सुरक्षा की भी अनदेखी करतेे हैं। बाजारों से लेकर हाईवे पर बिना हेलमेट दोपहिया दौड़ाते हैं।
दोपहिया वाहन चालकों के सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने की सबसे बड़ी वजह सिर में गंभीर चोट होती है। सिर पर चोट लगने की वजह से कई बार शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग हो जाता है। बावजूद इसके लोग हेलमेट नहीं पहनते हैं। वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। युवा तो अनियंत्रित गति से बाइक दौड़ाते और ट्रिपल राइडिंग करते हैं। बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग और अनियंत्रित स्पीड कानूनन अपराध है। इसके लिए अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान है।
युवा ही नहीं बड़े-बुजुर्ग यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। हरिद्वार में हर चौराहे और सड़कों पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन पर परिवार समेत नजर आते हैं। कई तो महिलाओं को पीछे बैठाकर उनकी गोद में छोटे बच्चों को लेकर सफर करते हैं। उनको न अपनी परवाह होती और न ही परिवार की कोई चिंता। पुलिस भी कई बार अनदेखी करती है तो कई बार चालन की कार्रवाई कर इतिश्री कर लेती है।
पुलिस का पूरा ध्यान अभी तक शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने पर था। अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सिटी से लेकर हाईवे-पेट्रोल यूनिट, सीपीयू और यातायात पुलिस बिना हेलमेट वालों की चेकिंग करेगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी
इन बातों का रखें ध्यान
- दोपहिया वाहन चलाते वक्त हमेशा हेलमेट पहनें
- ट्रिपल राइडिंग न करें
- बिना लाइसेंस वाहन लेकर सड़क पर न आएं
- वाहन की गति पर नियंत्रित रखें
- शराब पीकर कतई वाहन न चलाएं
- बाइक चलाते वक्त मोबाइल फोन का प्रयोग न करें
- वाहनों को ओवरटेक न करें
- वाहन का इंश्योरेंस और अन्य दस्तावेज साथ रखें