हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक स्कूल नंबर 39 में एक महिला ने कब्जा कर वहां दो निजी सेंटर खोल दिए हैं। कब्जा करवाने में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। डीईओ ने कब्जा करने वाली महिला को आठ दिन में भवन खाली करने की चेतावनी दी है। यदि भवन खाली नहीं किया गया तो कब्जाधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डा. पुष्पारानी वर्मा की ओर से 18 दिसंबर को नगर क्षेत्र के आठ राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 39 में एक भी बच्चा नहीं था। वहां एक महिला का परिवार रह रहा है। इतना ही नहीं महिला ने वहां एक ट्यूशन और दूसरा सिलाई-कढ़ाई केंद्र खोला हुआ है। महिला ने बताया कि इस स्कूल के बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 30 में पढ़ रहे हैं। डीईओ के अनुसार इस विद्यालय में महिला ने नगर शिक्षा अधिकारी और पटल प्रभारी के कहने पर कब्जा किया जाना बताया है।
डीईओ ने बताया कि महिला इस स्कूल में भोजन माता का काम करती थी बाद में कुछ लोगों के साथ मिलकर कब्जा कर लिया। डीईओ का कहना है कि उन्होंने महिला को भवन खाली करने के लिए आठ दिन का समय दिया है। यदि इस दौरान भवन खाली नहीं किया गया तो डीएम से बात कर महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर शिक्षा अधिकारी और पटल प्रभारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एक स्कूल में बन रहा दो स्कूलों का मिड डे मील
हरिद्वार। राजकीय प्राथमकि विद्यालय नंबर 30 में दो विद्यालयों के बच्चों का मिड डे मील बनाया जा रहा है। जबकि एमडीएम का पैसा दोनों विद्यालयों से अलग-अलग निकाला जा रहा है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक की ओर से राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 30 में निरीक्षण के दौरान वहां पंजीकृत 36 में से 21 बच्चे उपस्थित मिले। जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 39 में पंजीकृत 30 बच्चों में से 17 बच्चे भी वहां पढ़ते मिले। डीईओ ने बताया कि प्रधानाध्यापक का कहना था कि नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए थे कि बच्चों को उनके विद्यालय में पढ़ाया जाना है। जबकि डीईओ का कहना है कि विभाग की ओर से इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि नंबर 30 में नंबर 39 के बच्चों का भी मिड डे मील बनाया गया था। जबकि 39 से भी मिड डे मील का पैसा निकाला जा रहा है। नियमानुसार न तो एक स्कूल का मिड डे मील दूसरे में बनाया जा सकता है और जहां मिड डे मील नहीं बन रहा वहां पैसा नहीं निकाला जा सकता। बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक से पैसे की रिकवरी की जाएगी।
बच्चों की उपस्थिति में नहीं हो रहा सुधार
हरिद्वार। सरकारी स्कूलों में लाख कौशिशों के बाद भी बच्चों की उपस्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया तो बच्चों की संख्या आधे से भी कम मिली। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 43 में 150 बच्चों का पंजीकरण किया गया है। जबकि निरीक्षण के दौरान वहां केवल 63 बच्चे हाजिर मिले। इसी तरह राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 43 में पंजीकृत 150 बच्चों में से 68 और नंबर 39 में पंजीकृत 30 बच्चों में से कुल 17 मौके पर थे। राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंडीघाट में 247 बच्चे पंजीकृत हैं जबकि वहां केवल 150 बच्चे उपस्थित रहे।