जनपद में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को प्रदेश को सबसे ज्यादा मरीज हरिद्वार जिले में सामने आए। जिला अस्पताल की वार्ड आया, मेडिकल व्यवसायी और रुड़की तहसील के कर्मचारियों समेत 172 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। राहत वाली बात यह रही कि हरिद्वार तहसील और कलक्ट्रेट के सभी 85 अधिकारी व कर्मचारियों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
शनिवार को प्रदेश में कोरोना के रिकार्ड मामले सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा हरिद्वार के मरीज शामिल हैं। एक ही दिन में इतने मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब जिले में शायद ही कोई इलाका हो जहां से कोरोना के मामले सामने न आ रहे हों। हरिद्वार के सीआईयू के एक दरोगा, भगवानपुर थाने के पुलिसकर्मियों में पुष्टि हुई है। ज्वालापुर के मेडिकल व्यवसायी के संक्रमित होने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। बताया जाता है कि उनके संपर्क में हर दिन सैकड़ों लोग आते रहे हैं। सर्जरी, मास्क, सैनिटाइजर के थोक मेडिकल स्टोर होने के चलते ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की के अधिकांश व्यवसायी उनके यहां सामान लेने आते थे।
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कोविड केयर सेंटरों में 544 मरीज
कोविड केयर सेंटरों में 544 मरीज भर्ती हैं। अब तक जनपद में 2105 मरीजों के मामले सामने आ चुके हैं।
शनिवार को 1336 लोगों के सैंपल भरे। जनपद में अब 381 पाबंद क्षेत्र है। जनपद में अब तक 35591 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से अब तक 33512 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। 2715 की रिपोर्ट आनी शेष है।
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ओपीडी बंद होने से बढ़ेगी परेशानी
महिला अस्पताल की वार्ड आया गर्भवती है, उसे मेला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल 200 से अधिक ओपडी हो रही थी और हर दिन 10 से 15 प्रसव हो रहे थे। वार्ड आया के संक्रमित होने के बाद सारे स्टाफ के सैंपल लिये जा रहे हैं। अधिकांश स्टाफ को होम क्वारंटीन कर दिया है। अस्पताल में केवल इमरजेंसी चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले चार पांच दिनों में जितने प्रसूता या गर्भवती महिलाएं उनके संपर्क में आई, उनके सैंपल भी लिए जाएंगे।