देर रात हुई सड़क दुर्घटना में घायल तीसरे युवक ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एक साथ तीन युवकों की मौत के बाद गांव सराय में मातम पसरा हुआ है। रविवार को कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। इस बीच पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर बिना पोस्टमार्टम के ही शवों को परिजन के सुपुर्द कर दिया।
शनिवार देर रात ज्वालापुर क्षेत्र में सीतापुर बाईपास पर एक ट्रक की चपेट में आकर मोटरसाइकिल सवार राजा, रहमान की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि उनका तीसरा साथी खुशनसीब घायल हो गया था। घटनास्थल से चालक ट्रक लेकर फरार हो गया था। देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान खुशनसीब ने भी आखिरी सांस ली। तीनों ऊंचा पुल के पास मजार में चल रहे कव्वाली के प्रोग्राम में शरीक होने जा रहे थे।
तीन युवकों की मौत के बाद गांव सराय में कोहराम मच गया। हर कोई गम में डूब गया। शोकाकुल परिवार को हर कोई ढांढस बंधाता रहा। गांव के रहने वाले हरिद्वार ग्रामीण से बसपा प्रत्याशी मुकर्रम अंसारी, हाजी यासीन, मुशर्रफ ने जिलाधिकारी से मिलकर शवों के पोस्टमार्टम न कराने की मांग की, जिस पर डीएम ने स्वीकृति दे दी। युवकों के शवों को जब गांव में लाया गया तब पूरा गांव मानो रो पड़ा। फिर गांव के ही कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया।
युवा ही थे तीनों दोस्त
तीनों ही युवकों की उम्र 18 से 20 साल के बीच थी और सभी दिहाड़ी पेशा थे। राजा अपने चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। रहमान अपने सात भाई बहनों में सबसे बड़ा था जबकि खुशनसीब तीसरे नंबर का था। उसका एक भाई एवं पांच बहनें है।