बोर्ड परीक्षा में कापियों की जांच में फर्जीवाड़े के आरोप पर नैनीताल हाइकोर्ट ने गढ़मीरपुर के डा. भीमराव अंबेडक़र इंटर कालेज से जवाब मांगा है। गढ़मीरपुर गांव निवासी दिलीप कुमार ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड रामनगर से सूचना के अधिकार में 10वीं और 12वीं के दो परीक्षार्थियों की कापियां जुटाई थी। आरोप है कि स्कूल के एक शिक्षक और चपरासी के परिवार से जुड़े परीक्षार्थियों की कापियां किसी दूसरे परीक्षार्थी से लिखवाई गई हैं। हैंडराइटिंग के आधार पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट ने एक हफ्ते में स्कूल से जवाब मांगा है।
बहादराबाद के गढ़मीरपुर स्थित इंटर कालेज को लेकर पिछले दिनों महमूदपुर निवासी सनव्वर ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच बैठाई थी। इस शिकायत में पिछले सत्र में एक दूसरे स्कूल में फेल परीक्षार्थियों को पास करने का आरोप लगाया गया था। गढ़मीरपुर निवासी दिलीप कुमार ने डा. भीमराव अंबेडकर इंटर कालेज में वर्ष 2015-16 की बोर्ड परीक्षाओं की कापियां रामनगर बोर्ड से आरटीआई में मंगाई। कालेज के एक शिक्षक और चपरासी के परिवार से जुड़े बताए जा रहे इन परीक्षार्थियों की कापियों के पहले पेज पर नाम और रोल नंबर में अलग और अंदर सवाल जवाब में अलग हैंडराइटिंग का दावा किया गया है। फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए स्कूल को एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है।
याचिकाकर्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि दोनों परीक्षार्थियों को पास करने के लिए स्कूल के एक सहायक अध्यापक से कापी लिखवाई गई हैं। वहीं परीक्षा के दौरान प्रभारी का दायित्व संभालने वाले शिक्षक राजकुमार चौहान का कहना है कि आरोप पूरी तरह गलत हैं, परीक्षा राजकीय पर्यवेक्षक और कस्टोडियन की निगरानी में हुई है। फिलहाल कोई नोटिस नहीं मिला है, जांच में पूरा मामला सामने आ जाएगा।