सिंचाई विभाग के ढांचे का पुनर्गठन करने के बाद अब बहादराबाद स्थित जल विज्ञान अनुसंधान केंद्र का विस्तार किया गया है। अब इस डिवीजन को रुड़की केंद्र से अलग कर नई पहचान मिलेगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय खुलने से देशभर की नदियों तथा बांधों के अनुसंधान कार्य में भी तेजी आएगी। नए कार्यालयों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
बहादराबाद स्थित अनुसंधान केंद्र अब तक रुड़की केंद्र के अंतर्गत ही काम करता रहा है। अब विभाग के नए पुनर्गठन के बाद इस अनुसंधान केंद्र को अलग कर दिया गया है। केंद्र के प्रभारी डीएस रावत ने बताया कि बहादराबाद केंद्र के अंतर्गत चार इकाइयों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इनमें जलखंड एक, दो, तीन तथा जल विज्ञान केंद्र का भी दफ्तर बनेगा। विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता भी अब यहीं बैठा करेंगे। इनके कार्यालय खोले जाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
अब नए सेटअप बनने से बहादराबाद में देशभर की नदियों और बांधों के अध्ययन के काम में भी तेजी आएगी। गौरतलब है कि बहादराबाद के अनुसंधान केंद्र में टिहरी बांध, बग्लियार समेत कई बांधों के मॉडल बनाकर उनकी तकनीकी का अध्ययन भी यहीं किया गया था। अब इस काम में और तेजी आने की उम्मीद है।