भीमगोड़ा के पास रेलवे ट्रैक पर बुधवार शाम पेड़ गिरने से विद्युत लाइन टूटने से सप्लाई बंद हो गई। जिसके बाद छह ट्रेनों का संचालन करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा। हरिद्वार से देहरादून, ऋषिकेश के बीच दो घंटे तक छह ट्रेनों का संचालन बंद रहा। ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मरम्मत के बाद बिजली आपूर्ति सुचारू होने के बाद ट्रेनों का संचालन चालू किया जा सका।
बुधवार की शाम तेज बारिश के साथ आए अंधड़ से शहर में जगह-जगह पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें जगह-जगह से टूट गई। भीमगोड़ा के पास रेलवे लाइन पर भी एक पेड़ गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से रेलवे की बिजली की लाइन भी टूट गई। ऐसे में ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। आनन-फानन में रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटाने के बाद लाइन की मरम्मत करनी शुरू की। मरम्मत के चलते बिजली की सप्लाई बंद रखी गई।
ऐसे में शाम पांच बजे से लेकर सात बजे तक नैनी जनशताब्दी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, देहरादून-पैसेंजर, हेमकुंड एक्सप्रेस, चारलीपल्ली देहरादून ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन का संचालन प्रभावित रहा। कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन यहां से देहरादून के लिए रवाना हो गई थी, लेकिन लाइन कटते ही अचानक संचालन ठप हो गया। ऐसे में ट्रेन मोतीचूर में ही रुक गई। आपूर्ति चालू होने के बाद शाम सात बजे ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। दो घंटे तक संचालन बंद रहने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि लाइन दुरुस्त होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया।