नए वर्ष का स्वागत धर्मनगरी में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा पाठ के साथ किया गया। लोगों ने बीते वर्ष की विदाई पर देर रात तक जश्न मनाया। गली मोहल्ले में डीजे की धुन पर थिरककर नए साल का स्वागत किया। 2025 के पहले दिन बुधवार को गंगा के सभी घाट आस्थावानों की भीड़ से भरे रहे। लोगों ने स्नान, दान कर पुण्यफल अर्जित किया और वर्षभर सुखद जीवन की कामना के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना की।
पंचपुरी में माया देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी और मां पार्वती के तप स्थली महादेव विल्वकेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही। दक्षनगर कनखल मंदिर में श्रद्धालुओं ने महादेव का अभिषेक किया, वहीं माता शीतला और देवी सती से श्रद्धालुओं ने सुखमय जीवन का वरदान मांगा।
बुधवार सुबह से ही मंदिरों में लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। हवन से पूरा वातावरण सुगंधित हो गया। वहीं सुंदरकांड पाठ से लेकर अन्य भक्ति गीतों की धुन भोर से ही गूंजने लगी। लोगों ने नव वर्ष का स्वागत कर एक दूसरे का बधाई दी।
Iसजे रहे होटल रेस्टोरेंट और चौक चौराहेI
धर्मनगरी में श्रद्धालुओं के स्वागत में नव वर्ष पर होटल रेस्टोरेंट भी सजाए गए। चौक और चौराहे की दुकानें सुबह से ही धीमी रोशनी की आगोश में रहीं। पूरे दिन धुंध और कोहरे के चलते ठिठुरन रही, बावजूद इसके लिए युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शाम होने पर लोग अपने परिवार के साथ बाजारों में निकले और मनपसंद रेस्टोरेंट में खाना खाया। कई संस्थानों और प्रतिष्ठानों में केक काटकर नव वर्ष का स्वागत किया गया। विभागीय दफ्तरों में पहुंचने पर लोगों ने एक दूसरे को नववर्ष की बधाई दी।
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Iसंतपुरा आश्रम गुरुद्वारे में सत्संग आयोजित कर मनाया नया सालI
कनखल स्थित निर्मल संतपुरा आश्रम गुरुद्वारे में ‘नवा साल गुरु ग्रंथ साहिब दे नाल'''' सत्संग आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगत ने सुखमणि साहिब पाठ, बच्चों ने कविता ज्ञान के साथ साथ भाई गुरमीत सिंह, भाई अमित सिंह, भाई आनंद सिंह सहारनपुर वाले ने कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह शास्त्री ने सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अगम प्रीत कौर, फतेह सिंह, मिष्ठी, राजवीर सिंह, जोरावर सिंह, अगम प्रीत सिंह, रश्मीत कौर, मनिंदर कौर, गुरमीत सिंह मौजूद रहे।
Iप्राचीन हनुमान मंदिर में हुआ विशाल भंडाराI
टिबड़ी के पास प्राचीन हनुमान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कीर्तन मंडली के सुरमयी सुंदरकांड पाठ के बीच लोगों ने वीर बजरंग की पूजा अर्चना की। सिंदूर का लेप लगाकर लोगों ने बजरंगबली से मनोवांछित फल की कामना की। मंदिर के व्यवस्थापकों ने उमड़ी भीड़ को भंडारे का प्रसाद ग्रहण कराया।