हरिद्वार। द्वारका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सीमा पर जवान की हत्या सबसे बड़ा हादसा है। इससे देश में दहशत फैलती है। उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री को आगाह किया कि सीमा की सुरक्षा कराना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग एकदम सही हैं। देश के यात्रियों को बेफिक्र होकर यात्रा पर आना चाहिए।
रविवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकार से बातचीत करते हुए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली को फ्लॉप करार दिया। उन्होंने कहा कि अमित शाह की रैली में भीड़ धनबल से जुटाई गई। जिस समय वे ऋषिकेश से हरिद्वार आ रहे थे तो ट्रकों में जानवरों की तरह लोग ठूंस-ठूंस कर ले जाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। कुछ चैनल वाले दिखा रहे हैं कि रास्ते टूटे हैं, लेकिन सबकुछ सही है। यदि बारिश से कहीं सड़क बंद हो जाती है तो समय पर खुल रही हैं। सड़कों की समय पर मरम्मत का काम हो रहा है। इसलिए दुष्प्रचार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सीमा पर जवानों की मौत पर दु:ख जताते हुए कहा कि जब सीमा पर जवान ही सुरक्षित नहीं तो विकास क्या होगा। उन्होंने कहा यदि इसी प्रकार सीमा पर जवान शहीद होते रहे तो वहां ड्यूटी करने जवान क्यों जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से सीमा पर कड़ी सुरक्षा और नियम सख्त बनाने को कहा। ------------
स्कूलों में चित्र क्यों नहीं
शंकराचार्य बोले कि आरएसएस श्री रामचंद्र जी को आराध्य नहीं, बल्कि आदर्श पुरुष मानती है। आदर्श पुरुषों का सरकारी कार्यालयों और स्कूलो में चित्र लगाया जाता है। अब केंद्र में उनकी (भाजपा) सरकार है तो वे अब राम का चित्र स्कूलों में क्यों नही लगवाते। उन्होंने कहा कि वह राम मंदिर बनाने के लिए कई बार पहल कर चुके हैं, लेकिन वहां पर जमे लोग नहीं चाहते कि राम मंदिर बने। वह विवाद को नहीं निपटाना चाहते।
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शंकराचार्य हरिद्वार में ही करेंगे चातुर्मास
हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती इस बार चातुर्मास हरिद्वार में ही करेंगे। शंकराचार्य ने चातुर्मास के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी। चातुर्मास 19 जुलाई गुरू पूर्णिमा से शुरू होकर 16 सितंबर तक रहेगा। इस दौरान देश-विदेशों से शंकराचार्य, आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, महंत, साधु संतों के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस के दिग्गज नेता भी शामिल होंगे। शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने पहुंचे जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप, महंत ऋषिश्वरानंद ने उनके चातुर्मास हरिद्वार में मनाए जाने को लेकर खुशी मनाई। उन्होंने कहा कि इससे हरिद्वार में संत समागम भी हो सकेगा। ब्रह्मचारी ब्रह्मूस्वरूप ने बताया कि वे शंकराचार्य जी से लंबे समय से हरिद्वार में चातुर्मास मनाने के लिए अनुरोध कर रहे थे।