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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार

Wed, 07 Sep 2016 11:48 PM IST
hridwar uttrakhanda india
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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। भारत साधु समाज की ओर से आयोजित विराट संत सम्मेलन में केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने समेत 13 प्रस्ताव पास किए गए। भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में संत समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के साथ वादा खिलाफ करने का भी आरोप लगाया।
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बुधवार शाम को कनखल स्थित गौतम फार्म में 13 प्रस्ताव पारित करने के साथ ही विराट संत सम्मेलन संपन्न हो गया। सम्मेलन में संतों ने सभी प्रस्तावों पर अपनी सहमति जताई।  शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने प्रस्तावों पर संत समाज की सहमति के बाद उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों से लागू करने की मांग की। गोहत्या पर अभी तक प्रतिबंध नहीं लगा पाने को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरा साथ ही गोहत्या प्रकरणों से दलितों को जोड़कर राजनीति न करने की सलाह दी।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार आयी है, साधुओं की जाति, पिता का नाम , निवास बताना अनिवार्य कर दिया गया है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संत समाज इसका विरोध करता है। उन्होंने कहा कि सभी संत अपने पदनाम का ही प्रयोग करें।
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भाजपा पर  राम मंदिर मुद्दे से भटकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से लोकसभा में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव लाने की मांग की। उन्होंने प्रयाग कुंभ में फर्जी शंकराचार्यों के प्रवेश को रोकने के लिए सभी का सहयोग मांगा।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ऋषिश्वरानंद ने कहा कि साधु समाज मिलकर मंदिर बनाएगा। महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रहमचारी ने कहा कि संतों का कार्य राष्ट्र, गंगा, संस्कृति की रक्षा करना है। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि, चिदानंद मुनि, ऋषिराम कृष्ण, रविंद्र पुरी, शिवानंद सरस्वती, मोहनदास, अरुण गोविल, देवानंद सरस्वती, परमानंद महाराज, सदानंद, रामकृष्णन, सतपाल ब्रह्मचारी आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर महंत ऋषिश्वरानंद को भारत साधु समाज का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया।
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सम्मेलन में पारित प्रमुख प्रस्ताव
- श्रीराम जन्मभूमि पर ही श्रीराम का भव्य मंदिर शीघ्र बने।
- गोमांस विक्रय और हत्या पूरे देश में पूर्ण रूप से बंद हो। और गोमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित कर उसका संरक्षण करें।
- स्कूल कालेजों में धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाए। जिसमें रामायण, महाभारत, गीता आदि की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए।
- गंगा की धारा अविरल और निर्मल हो ।  गंगा सहित अन्य नदियों पर बनने वाले बांधों के निर्माणों का प्रस्ताव निरस्त किया जाए।
- संत महात्माओं, मठ मंदिरों की संपत्तियों पर टैक्स लेना बंद किया जाए।
- कश्मीर समस्या का शीघ्र पूूर्ण समाधान हो। वहां से धारा 370   हटाई जाए। कश्मीर के पंडितों का पुनर्वास किया जाए।
- प्राचीन धर्म स्थानों का शासन और विशिष्ट संस्थाओं द्वारा जीर्णोद्धार होना चाहिए। संत महात्मागण राजतंत्र की कठपुतली की तरह कार्य न करें।
- सनातनधर्म के विरुद्ध प्रचार करने वाले ग्रंथों पर सरकार प्रतिबंध लगाए।
- साईं बाबा जैसे कल्पित देवताओं से जनता दूर रहे।
- विष्णुरूप सुदर्शन और श्रीहनुमान की मूर्ति स्थापना प्रत्येक मंदिर में हो।
- देश नशा मुक्त हो, नशा करने वालों का लोक और परलोक दोनों नष्ट हो जाते है। नशे में ही सभी व्यभिचार होते है।
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