यमुनानगर से लापता हुई युवती के मामले का पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया। युवती ने लिखित में स्वीकार्य किया कि उसको हरिद्वार में बंधक बनाकर नहीं रखा गया। वह अपनी मर्जी से ही आई थी। घर जाने के लिए उसने खुद परिवार वालों को संदेश भेजा था। इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ में हुआ है।
लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने युवती को उसकी पूर्ण सुरक्षा का लिखित आश्वासन लेकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार, यमुनानगर से एक युवती हरिद्वार भागकर आ गई थी। इसके बाद उसे दो महिलाएं मिलीं और वह उनके साथ चली गई। युवती महिलाओं के साथ में ही रहने लगी।
यमुना नगर से हरिद्वार आने के बाद से वह मंदिरों और शहर में घूम रही थी। इसी बीच 1 सितंबर की रात युवती जिन महिलाओं के साथ रह रही थी उन्हीं के मोबाइल से अपने परिजनों को मैसेज किया।
इसमें उसने खुद को अगवा करने की बात लिखी थी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो आनन-फानन में जांच-पड़ताल शुरू हो गई।
पुलिस और सीआईयू की टीम ने युवती को नगर कोतवाली क्षेत्र से बरामद भी कर लिया। पुलिस ने महिलाओं के साथ ही युवती से भी पूछताछ की। युवती ने अपनी मर्जी से खुद हरिद्वार आने की बात कबूली है। एक पत्र भी उसने पुलिस को इस संबंध में दिया है।