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पहले स्नान की तैयारी व्यवस्था आधी-अधूरी

Tue, 12 Jan 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। अर्द्धकुंभ मेले का पहला स्नान 14 जनवरी को होने जा रहा है। लेकिन अभी तक तैयारियां आधी-अधूरी है। कई स्नान घाटों पर निर्माण सामग्री फैली पड़ी है। महत्वपूर्ण पुलों एवं सड़कों का निर्माण तक पूरा नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण भी अधूरा है। नए बस अड्डे सुविधाओं से वंचित हैं। आज (मंगलवार) इन आधे-अधूरे कामों के बीच मुख्यमंत्री हरीश रावत मेले कार्यों की समीक्षा करेंगे।
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हरकी पैड़ी पर पड़ी निर्माण सामग्री
जहां मुख्य स्नान होना है ठीक उसी स्थान पर संत रविदास मंदिर के पास निर्माण सामग्री फैैली पड़ी हुई है। मंदिर के जीर्णोद्धार कराने की मांग लंबे समय से समाज के लोग कर रहे हैं। विभिन्न संगठनों के सदस्य इसके लिए मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। अब स्नान से ठीक पहले यहां निर्माण सामग्री डाल दी गई है। इससे घाट पर आने-जाने का रास्ता पूरी तरह संकरा हो गया है। मौके पर ‘अर्द्धकुंभ के कार्य प्रगति पर’ का बोर्ड लगाया  गया है, लेकिन काम रुका पड़ा है।

पुल पर नहीं बनी सड़क
रिकॉर्ड समय में लोहे का पुल बनाने का दावा करने वाले मेला प्रशासन के अधिकारी अभी तक इस पुल पर सड़क नहीं बना बनवा पाए हैं। जबकि स्नान के दौरान यह पुल भीड़ निकालने के लिए बेहद कारगर साबित होता। यही स्थित लाल पुल के पास बन रहे नए पुल की भी है। यह पुल भी अभी तक निर्माणाधीन है। मेले के पहले एवं महत्वपूर्ण स्नान के दौरान इन पुलों का लाभ श्रद्धालुओं को मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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द्वीपों में सड़क बनाने के दावे अधूरे
चंडी और गौरीशंकर द्वीप में बसाए जा रहे मेला द्वीपों में मेला अवधि शुरू होने से पहले ही सड़क बनाए जानी थी। इसका काम तो शुरू कर दिया गया है लेकिन द्वीपों में सड़क अभी तक नहीं बनाई गई है। इस पर कोई अधिकारी चुप्पी भी नहीं तोड़ रहा है। ऐसे में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ेगा। 

खुला नाला खोल रहा व्यवस्था की पोल
प्रत्येक स्नान पर हरकी पैड़ी चौकी के पास श्रद्धालुओं का भारी दबाव रहता है। लेकिन यहां खुले नाले व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। पूरा नाला स्लेप से ढकने के बजाय बीच-बीच में काफी जगह छोड़ दी गई है। ऐसे में अंधेरा होने या किसी का ध्यान नहीं पड़ने पर नाले में गिरने की आशंका है।

अधिकारियों के रहमोकर्म का इंतजार कर रही सड़क
जिस मेला नियंत्रण कक्ष से मेले की सभी तैयारियों का संचालन किया जा रहा है। ठीक उसी के सामने उखड़ी सड़क अधिकारियों के रहमोकर्म का इंतजार कर रही है। यहां अभी तक सड़क नहीं बनने से जाम की स्थिति बन रही है। देवपुरा तिराहे पर भी टूटी सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। यहां पेयजल की आपूर्ति के लिए बनाए गए टैंक का काम अधूरा है।

पानी की व्यवस्था नहीं
ऋषिकुल में बनाया गया सब अड्डा बसों के संचालन के लिए तो तैयार है लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर कुछ ज्यादा नहीं किया गया। कई शौचालयों में पानी की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। पूछताछ केंद्र शुरू नहीं हो पाए हैं। बाहर से आने वाले कर्मियों के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं की गई।
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