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I- जिला पंचायत सभागार में हुई बोर्ड बैठक, अनावश्यक टैक्स का सदस्यों ने किया कड़ा विरोध
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I- टैक्स की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित, 71.36 करोड़ का बजट किया जाएगा खर्चI
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में 18 मिनट में अनुमानित 87 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लग गई। वहीं, बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने अनावश्यक रूप से बोर्ड, होर्डिंग के नाम पर वसूले जा रहे टैक्स, दुकानदारों की आरसी और नोटिस काटने का कड़ा विरोध किया। जिला पंचायत अध्यक्ष के जांच कमेटी गठित करने के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
शनिवार को देवपुरा स्थित जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी की अध्यक्षता में सुबह 11:10 पर बैठक शुरू हुई, जो 11 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो गई। संचालन कर रहे अपर मुख्य अधिकारी बीसी छिम्मवाल ने सदन को बताया कि जिला पंचायत को नए वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार के राज्य वित्त आयोग, 15वां वित्त आयोग, राज्य योजना और जिला योजना समेत जिला पंचायत से होने वाली आय से 87 करोड़ 89 लाख रुपये प्राप्त होंगे। इस बजट से जिला पंचायत की ओर से 71 करोड़ 63 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इसमें से लगभग 63 करोड़ रुपये से पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों पर विकास कार्य किए जाएंगे। शेष पैसा वेतन, भत्तों आदि पर खर्च किए जाएंगे। 16 करोड़ रुपये की बचत जिला पंचायत की होगी।
वह इसकी जानकारी ही दे रहे थे कि इसी बीच नारसन कलां के जिला पंचायत सदस्य अरविंद राठी बैठक में पहुंच गए और उन्होंने कहा कि यह सब तो बाद में सुना जाएगा। पहले सही टैक्स का निर्धारण किया जाए। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग, बोर्ड के नाम पर अनावश्यक रूप से टैक्स वसूला जा रहा है। जिन लोगों ने अपनी दुकानों के बाहर भी अपने ही बोर्ड लगाए हैं। उनसे भी पैसा लिया जा रहा है। यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी इस बात का समर्थन करते हुए अन्य सदस्यों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में वसूले जा रहे होर्डिंग बोर्ड आदि के नाम पर अनावश्यक मनमानी टैक्स को लेकर विरोध शुरू कर दिया। जिला पंचायत सदस्य पहले मनमाने टैक्स को रोकने और ग्रामीण दुकानदारों की आरसी और कोर्ट नोटिस रोकने की मांग पर पड़ गए। कहा कि इसके हल निकलने पर बैठक आगे शुरू होगी।
इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने टैक्स की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया। इसमें प्रशासनिक अधिकारी धर्मवीर सिंह, कर अधिकारी भानू प्रताप और टैक्स इंस्पेक्टर सतीश कुमार को रखा गया। उधर, बैठक में जिला पंचायत सदस्यों की ओर से ग्राम पंचायत में होने वाले मनरेगा कार्यों के प्रस्ताव भी ले जाने की मांग की गई। कहा कि उनके प्रस्ताव पर भी मनरेगा के कार्य कराया जाए। जिस पर विचार-विमर्श करने का आश्वासन अध्यक्ष ने दिया।
इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान, जिला पंचायत सदस्य अंशुल चौधरी, बृजमोहन पोखरियाल दर्शन सिंह, अंकित कश्यप, अभियंता महेश कुमार, ईश्वरचंद आदि मौजूद रहे।
Iविधायकों ने बनाई दूरीI
बोर्ड बैठक से अधिकांश विधायकों ने दूरी बनाई। मात्र भगवानपुर विधायक ममता राकेश बैठक में शामिल हुईं। बाकी विधायक और सांसद नहीं पहुंचे। बैठक में अधिकारियों को भी आमंत्रित नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि, बैठक बजट को लेकर थी, इसलिए उन्हें नहीं बुलाया गया।
Iउड़ीसा का विकास मॉडल देखेंगेI
उड़ीसा में पंचायतों का विकास मॉडल देखने के लिए 27 जिला पंचायत सदस्य जाएंगे। वह सात फरवरी को रवाना होंगे। एक सप्ताह का प्रशिक्षण लेने के बाद 12 फरवरी को वापस हरिद्वार आएंगे। बोर्ड बैठक में उड़ीसा जाने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं। उन्हें यात्रा करने की जानकारी भी बोर्ड बैठक में दी गई।