नए साल में कांग्रेस, भाजपा और बसपा में होने वाली संभावित टूट से सियासत के समीकरण बदलने तय हैं। फिलहाल कांग्रेस में टिकट के दो दावेदार जहां बसपा के संपर्क में है, वहीं भाजपा से एक दिग्गज भी पाला बदलकर कांग्रेस में जाने को तैयार बैठे हैं। बसपा से असंतुष्ट एक दावेदार कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं। ऐसे में तीनों प्रमुख दलों को भगवानपुर, रुड़की, झबरेड़ा सहित कई अन्य सीटों पर बागियों से कड़ी चुनौती मिल सकती है।
प्रदेश में प्रशासनिक अमला विधानसभा चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। सिर्फ आचार संहिता की घंटी बजने का इंतजार है। वहीं राजनीतिक दल भी सियासी दंगल में दो-दो हाथ करने के लिए सियासी बिसात बिछा चुके हैं। बसपा जिले की आठ सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी हैं। वहीं भाजपा में भी करीब आठ सीटों पर टिकट की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है। सत्ताधारी कांग्रेस में टिकट को लेकर सबसे ज्यादा सीटों पर उलझन बनी हुई है। यही वजह है कि बात न बनती देख कांग्रेस के दो दावेदार बसपा के लगातार संपर्क में है। सूत्र बताते हैं कि भगवानपुर से टिकट के लिए दावेदारी करने वाले तीन दिन पहले दिल्ली में एक मीटिंग होने का दावा कर रहे हैं। भाजपा से टिकट के 50-50 चांस होने के चलते एक पूर्व विधायक के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं दोनों दलों में सबकी जुबान पर हैं।
वहीं बसपा से निराशा हाथ लगने पर एक असंतुष्ट समर्थकों सहित कांग्रेस की तरफ कदम बढ़ा चुके हैं। कुल मिलाकर नए साल में तीनों दलों में आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार जनता को नए कलेवर में नजर आ सकते हैं। जिले की चार से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस, भाजपा व बसपा अपने ही बागियों से जूझती नजर आएगी। इससे नए समीकरण बनने तय हैं।
एक दूसरे के टिकट वितरण पर निगाह
एक दूसरे को पटखनी देने के लिए खासकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक दूसरे के टिकट बंटवारे पर बारीकी से निगाह रखे हुए हैं। सबसे पहले प्रत्याशी घोषित कर चुकी बसपा भी इससे अछूती नहीं है। तीनों दल एक दूसरे के दावेदारों में भी अपनी जीत का गणित ढूंढ रहे हैं।