बड़ी बेटी को स्कूल से लाने के लिए जा रही एक महिला और उसकी दो साल की बेटी रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गई। महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि मासूम ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा। घटना के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराते हुए क्षेत्र के लोगों ने पटरी पर हंगामा किया और एक मालगाड़ी को रोक दिया। पुलिस और आरपीएफ के अधिकारियों ने लोगों को किसी तरह से समझाबुझाकर शांत किया।
घटना ज्वालापुर के पूर्वी नाथ नगर से सटी रेलवे लाइन की है। रामनगर कालोनी के रहने वाले नितिन की बड़ी बेटी प्राची सेंटमेरी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती है। रोजाना की तरह दोपहर करीब साढ़े बारह बजे उनकी पत्नी सुधा अपनी दो साल की छोटी बेटी मिष्ठी को साथ लेकर बड़ी बेटी को लेने स्कूल जा रही थी। जैसे ही वह रेलवे लाइन पार करने लगी तभी ज्वालापुर की ओर से आ रही अहमदाबाद मेल ने मां-बेटी को चपेट में ले लिया। ट्रेन की टक्कर लगने पर मां बेटी दूर जा गिरी। सुधा (30) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मासूम की सांसें चल रही थी। मासूम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसने भी दम तोड़ दिया।
इधर, दिल दहला देने वाली घटना के बाद रेलवे के गैर जिम्मेदाराना रवैये को लेकर क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा पार्षद राजेश शर्मा, कांग्रेसी नेता भारत तनेजा की अगुवाई में क्षेत्रवासी रेलवे लाइन पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हरिद्वार की ओर से आ रही एक मालगाड़ी रोक ली। रेलवे लाइन को बाधित कर देने की सूचना पर सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाल डीएस रावत, एसओ जीआरपी दिनेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। पार्षद राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले छह माह से रेलवे पुलिया का निर्माण करा रहा है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। यदि पुलिया बन गई होती तो हादसा नहीं होता। रेलवे लाइन से आवाजाही तब तक बिलकुल बंद कर दी जाए जब तक पुलिया का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता है। सीओ सदर जेपी जुयाल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि, घटना को लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। करीब एक घंटे तक रेलवे लाइन से आवाजाही बंद रही। प्रदर्शनकारियों के रेलवे लाइन से हटने के बाद ही महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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रेलवे को बंद करने होंगे मौत के रास्ते
हरिद्वार (ब्यूरो)। घनी आबादी से सटी इस पुलिया के ऊपर से आमजन आवाजाही करते हैं। इसलिए यहां हर समय हादसे का डर बना रहता है।
जहां घटना हुई उससे महज पचास मीटर दूर सेंटमेरी स्कूल है। इस स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं पुलिया के ऊपर से ही रेलवे लाइन से आते जाते है। पिछले छह माह से पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए दुपहिया वाहन की आवाजाही पर ब्रेक लगा हुआ है। पैदल राहगीरों की आवाजाही बदस्तूर जारी है। रेलवे को पुलिया के ऊपर बने इस मार्ग को बंद ही कर देना चाहिए। पूर्वी नाथ नगर की पुलिया की ही तरह शंकर आश्रम से सुभाषनगर होते हुए भी आमजन रेलवे लाइन पार कर भेल सेक्टर दो की तरफ आते जाते है वह भी बेहद ही खतरनाक है।
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नितिन ने खो दी सुध बुध
हरिद्वार(ब्यूरो)। हादसे में पत्नी और बेटी को खोने के बाद अभागे नितिन ने सुध बुध खो दी है। घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल कैंपस तक वह गुम सुम सा ही बैठा रहा। हर कोई उसे ढांढस बंधाने में जुटा था। पर, उसकी जुबां पर पत्नी बेटी का ही नाम रह रह कर आ रहा था। इधर, बड़ी बेटी प्राची को भी संभालने में रिश्तेदार जुटे रहे। मासूम को यह पता नहीं है कि, आखिर उसने क्या खो दिया है।