हरिद्वार में हुई बारिश के बाद भगत सिंह चौक के पास हुआ जलभराव।
- फोटो : HARIDWAR
शनिवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और शहर से देहात तक झमाझम बारिश हुई। पूस के महीने में बादल सावन की तरह तेज गर्जना के साथ बरसे। बारिश इतनी तेज थी कि शहर से देहात की सड़कों पर जलभराव हो गया। नगर निगम क्षेत्र की नालियां बंद हो गई। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडरपास पर उठानी पड़ी। यहां ज्यादा पानी भरने से पुलिस को बैरियर लगाकर यातायात बंद करना पड़ा। जनपद में 34 एमएम बारिश दर्ज की गई।
शनिवार तड़के से मौसम बदलने लगा था। सुबह चार बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई। जैसे जैसे उजाला होने लगा बारिश तेज होने लगी। सात से आठ बजे के बीच में बादल तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ तेजी के साथ बरसने लगे। इस दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। हाईवे से लेकर शहर के मुख्य मार्गों पर गिनती के वाहन ही दिखाई दिए। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया तो बारिश तेज होती गई। शहर के अंदर अधिकांश इलाकों की नालियां बंद हो गई और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया।
दोपहर दो बजे तक 24 एमएम बारिश रिकार्ड हुई, जबकि शाम तक करीब 34 एमएम पहुंच गई। बारिश से अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में छह डिग्री और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री गिरावट दर्ज हुई।
बारिश और ठंड के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही। ग्राहक नहीं आने से व्यापारी भी दुकानों पर खाली बैठे रहे। रानीपुर मोड़ स्थित भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडरपास में पानी भर गया। पुलिस को चंद्राचार्य चौक पर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही एक तरफ से बंद करनी पड़ी। जबकि ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के निकट अंडर पास में पानी भरने से वाहनों का संचालन बाधित रहा। मौसम विभाग के ऋतु आलोकशाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया कि पूरे जिले में बारिश हुई है। कहीं ज्यादा तो कहीं कम है।
गंगा के जलस्तर में हुई वृद्धि
पहाड़ों में हुई बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर पड़ने लगा है। भीमगोड़ा स्थित यूपी सिंचाई विभाग के बैराज के वाटर एकाउंटेंट निर्भय भारद्वाज के मुताबिक शनिवार अपराह्न को बैराज में 290.10 मीटर जलस्तर रहा। जबकि गंगा में बहाव 20064 क्यूसेक रहा। शुक्रवार को बहाव करीब 10 हजार क्यूसेक था। निर्भय भारद्वाज के मुताबिक रविवार सुबह से गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। गंगनहर में साढ़े तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।