महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जैसे ही हरकी पैड़ी पहुंचे, गंगा घाट जयकारों से गूंज उठे। महामहिम को सामने देख श्रद्धालु का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया और वह जोर से ‘गंगा मैया की जय‘ के जयकारे लगाने लगे। उनके साथ राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी गंगा आरती में भाग लिया।
हरकी पैड़ी पर सायंकालीन आरती के समय अमूमन रोजाना ही श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रोजाना गंगा आरती में भाग लेते हैं। बृहस्पतिवार की गंगा आरती उनके लिए कुछ खास रही। यूं तो हरकी पैड़ी पर राष्ट्रपति का इंतजार काफी पहले से चल रहा था, पर देहरादून की तरफ से आया हेलीकॉप्टर भेल की ओर जाने के बाद से पल पल राष्ट्रपति की राह देखी जा रही थी। आखिरकार वह घड़ी आ गई कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हरकी पैड़ी पहुंच गए। उन्हें देखते ही गंगा घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की जय जयकार वाले जयकारे लगाने शुरू कर दिए। जिससे हरकी पैड़ी के आध्यात्मिक वातावरण चरम पर पहुंच गया।
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श्रद्धालुओं से भर गया मालवीय घाट
हरिद्वार। राष्ट्रपति के हरकी पैड़ी पहुंचने से पहले मालवीय घाट पर भी श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति नहीं थी। इसके लिए घाट के आसपास बैरीकेडिंग की गई थी। जैसे ही राष्ट्रपति हरकी पैड़ी में आरती स्थल पर पहुंचे तो मालवीय घाट के बैरिकेडिंग खोल दिए गए। बैरिकेडिंग खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और चंद मिनट में ही पूरा घाट श्रद्धालुओं से भर गया। श्रद्धालुओं में राष्ट्रपति को सामने देख गंगा आरती करते हुए गजब का उत्साह देखते ही बन रहा था।