कांवड़ मेला व्यवस्था में लगे अधिकारी-कर्मचारी जहां राहत की सांस लेकर थकान उतारने में लगे हुए हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए शहर में जगह-जगह फैले कूड़े-कचरे को उठाने की अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
देश के विभिन्न राज्यों से धर्मनगरी पहुंचे लाखों शिवभक्त जल ले गए लेकिन एक हजार मीट्रिक टन कचरा मेला क्षेत्र में छोड़ गए हैं। अपने सीमित संसाधनों के बूते नगर निगम को तीन दिन के अंदर मेला क्षेत्र में फैले कचरे के इस साम्राज्य का निस्तारण करने का चुनौतीपूर्ण कार्य है।
मल-मूत्र की व्याप्त गंदगी से महामारी न फैले और मक्खियां पैदा न हो इसके लिए कूड़े-कचरे की सफाई के साथ वृहद स्तर पर कीटनाशक का छिड़काव भी कराना होगा। मेयर मनोज गर्ग व मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी सफाई अभियान की कमान संभाले हुए हैं।
प्रतिदिन औसतन 300 मीट्रिक टन कूड़ा
नगर निगम क्षेत्र में सामान्य दिनों में औसतन 150 मीट्रिक टन कूड़ा-कचरा होता है। यात्रा में यह मात्रा बढ़कर 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन होने का अनुमान है। विशेष कार्याधिकारी पीएस रावत का कहना है कि प्लास्टिक व पॉलीथिन के कूड़े में वजन कम और फैलाव अधिक होता है इसलिए वैट अनुमान पर आधारित है।
एमएनए ने किया निरीक्षण
कांवड़ की भीड़ छंटने पर एमएनए विप्रा त्रिवेदी बुधवार सुबह मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने निकलीं। उन्होंने रोड़ीबेलवाला पार्किंग, दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग, बैरागी कैंप पार्किंग, पंतद्वीप पार्किंग व कांवड़ बाजार आदि का निरीक्षण किया।
नगर निगम के ठेकेदारों को अपने ठेका स्थल की सफाई कराने और सिंचाई विभाग के अधिकारी को अपने ठेकेदार से पार्किंग के अंदर की सफाई कराने को कहा है। कहा कि ठेकेदारों की जमा एफडीआर तब तक वापिस न की जाए जब तक वह सफाई नहीं करवा देते।