हरिद्वार। केंद्र सरकार की नीति को लेकर कुंभनगरी में सर्राफा व्यवसायी सड़क पर उतर आए। सोमवार शाम उप नगर ज्वालापुर में कैंडल मार्च निकालकर सर्राफा व्यापारियों ने अपने गुस्से का इजहार किया। दो टूक कहा कि सर्राफा व्यवसाय का दमन करने वाली नीति उन पर न थोपी जाए। एक जनवरी से केंद्र सरकार ने यह नीति लागू कर दी है कि दो लाख की ऊपर से खरीददारी करने पर ग्राहक को पेन नंबर देना अनिवार्य होगा वरना वो जेवर नहीं खरीद सकेंगे। केंद्र की इस नीति के खिलाफ देश भर में सर्राफा व्यापारियों में रोष बना हुआ है।
हरिद्वार के सर्राफा व्यापारियों ने सोमवार शाम ज्वालापुर मुख्य बाजार की पुलिस चौकी से कटहरा बाजार तक कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। सर्राफा एसोसिएशन पंचपुरी के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि केंद्र की इस नीति से आमजन जेवर ही नहीं खरीद सकेंगे। कई वर्ग के पास आज भी पेन नंबर नहीं है, यदि उनके घर में कोई मांगलिक कार्य होते है तब वे जेवर नहीं खरीद सकेंगे। यह लड़ाई सर्राफा व्यवसायी अपनी नहीं बल्कि आमजन की लड़ाई लड़ रहे हैं। केंद्र सरकार सीधे सीधे आमजन के ख्वाब को चकनाचूर कर रही है। इस नीति से केंद्र सरकार को कोई फायदा नहीं होने वाला है बल्कि फिर हर कोई चोरी का रास्ता तलाश करेंगे। कैंडल मार्च में महामंत्री गौरव मसौन, कोषाध्यक्ष अश्वनी गोयल, शिवकुमार गुप्ता, राकेश मित्तल, शलभ सिंघल, विवेक अग्रवाल, अंकित बंसल, विशाल गोयल, सुनीता वर्मा, पीयूष समेत अनेक सर्राफा व्यवसायी शामिल रहे।