हरिद्वार। राज्य अतिथि गृह के निर्माण में प्रयुक्त हो रहा सरिया गुणवत्ता में खरा नहीं उतरने पर निर्माण कार्य पर 30 दिसंबर से रोक लगा दी गई है। मेलाधिकारी के निर्देश पर कार्यदायी संस्था ने पूरा सरिया कटवा दिया है। निर्माण में प्रयुक्त सरिये का दूसरा सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्य शुरू होने की संभावना है।
राज्य अतिथि गृह निर्माण के लिए अर्द्धकुंभ बजट से 17 करोड़ 31 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। कार्यदायी संस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने इसका निर्माण 22 दिसंबर से शुरू करवाया। 30 दिसंबर तक नींव भरने का काम पूरा हुआ। शासन की ओर से अर्द्धकुंभ मेला कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए श्रीराम इंस्टीट्यूट को जिम्मेदारी दी गई है। इंस्टीट्यूट की ओर से राज्य अतिथि गृह की नींव में प्रयुक्त सरिया जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। लेकिन परीक्षण में सरिया का सैंपल फेल पाया गया।
इस पर कार्यदायी संस्था जीएमवीएन को पूरा सरिया कटवाना पड़ा। 30 दिसंबर से काटा गया 70 टन सरिया कार्यस्थल पर पड़ा हुआ है। लेकिन सरिया बनाने वाली कंपनी अपने सरिये का सही होने का दावा कर रही है। उसने भी अपने स्तर से इसका सैंपल जांच के लिए भेजा है। अब नए सरिए का दूसरा सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना है।
सुविधाओं से सुसज्जित होगा गेस्ट हाउस
नगर निगम परिसर में निर्माणाधीन स्टेट गेस्ट हाउस सुख-सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसमें अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए तीन स्यूट के 21 कमरे, सभागार, डोरमेटरी, ड्राईवरों के रूम, लिफ्ट, कैंटीन, फर्नीचर, क्राकरी, फायर फाइटिंग आदि में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हालांकि 21 कमरों के गेस्ट हाउस के निर्माण पर 17 करोड़ रुपये की लागत को लेकर घपले की कानाफूसी का दौर शुरू हो गया है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं: चौहान
बंद निर्माण स्थल पर मौजूद जीएमवीएन के इंजीनियर अजय चौहान ने बताया कि स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के महाप्रबंधक और मेलाधिकारी का साफ-साफ आदेश है। उनके निर्देश पर सरिया फेल होने पर कटवा दिया गया है। सोमवार तक दूसरे सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद निर्माण होने न होने का पता चल पाएगा। यह सब सैंपलों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।