जनपद मेें सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से जुड़े गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग जांच कर कार्रवाई करने के बजाय उन पर पर्दा डालने में जुटा है। हाल यह है कि फर्जीवाड़े और आरक्षित पद पर नियम विरुद्ध सामान्य जाति के कर्मचारी को पदोन्नति देने के पूरे साक्ष्य होने के बावजूद विभाग कदम बढ़ाने को तैयार नहीं है।
जिले में पिछले महीने प्राइमरी शिक्षकों का फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में दस्तावेज फर्जी साबित होने के बाद 12 शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। नौ शिक्षकों को निलंबित किया है। विभाग बाकी संदिग्ध शिक्षकों की जांच करना तो दूर बर्खास्त शिक्षकों की रिकवरी करने को राजी नहीं है। रही कसर पुलिस बर्खास्त शिक्षकों की फाइलों को दबाकर पूरी कर रही है। वहीं ज्वालापुर इंटर कालेज में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित लिपिक सीट पर सामान्य जाति के कर्मचारी को पदोन्नति देने का मामला सामने आने पर विभाग लीपापोती में जुटा है। प्रधानाचार्य और प्रबंधक सहित तत्कालीन सीईओ की भूमिका सवालों के घेरे में है।
सभी प्रकरणों की जांच चल रही है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, निश्चित तौर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश चंद्र डिमरी, कार्यवाहक मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार