श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के ब्रह्मलीन महंत पालसिंह की अस्थियां विसर्जन के बाद शब्दकीर्तन करत?
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श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के ब्रह्मलीन महंत पाल सिंह की अस्थियां पूर्ण विधि विधान के साथ सती घाट पर गंगा में विसर्जित की गई। विसर्जन से पूर्व संत समाज की ओर से ब्रह्मलीन महंत पाल सिंह के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
शुक्रवार को अस्थि विसर्जन के बाद अखाड़े में गुरुवाणी का पाठ व शबद कीर्तन कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि उनके अचानक चले जाने से संत समाज को बड़ी क्षति हुई है। मानव कल्याण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलकर राष्ट्र कल्याण में अपना योगदान करना चाहिए। कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि सदैव परोपकार को समर्पित रहने वाले संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है। इस मौके पर महंत अमनदीप सिंह महाराज, महंत सुरजीत सिंह महाराज, महंत भगवंत भजन सिंह, महंत गुरमीत सिंह, महंत दर्शन सिंह, महंत हरभजन सिंह, संत आशाराम, संत हरचरण सिंह शास्त्री, महंत जीत सिंह, महंत गुरमाल सिंह, महंत सतनाम सिंह, संत सुखमन सिंह, संत तलविंदर सिंह, संत जसकरण सिंह, महंत दलजीत सिंह, साध्वी महंत दर्शना ज्योति, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, महंत तीरथ सिंह, महंत दामोदर दास, स्वामी केशवानंद, महंत रंजय सिंह आदि मौजूद रहे।