हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर बह रही अविरल धारा को स्कैप चैनल घोषित करने वाले अध्यादेश निरस्त कर गंगा घोषित करने की मांग को लेकर धरना दे रहे तीर्थ पुरोहितों के समर्थन में व्यापारी भी आ गए हैं। शहर व्यापार मंडल और श्री गुरु गोरक्षनाथ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंच तीर्थ पुरोहितों की मांग का समर्थन किया।
मालूम हो कि तीर्थ पुरोहितों ने सोमवार से हरकी पैड़ी पर धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार को तीर्थ पुरोहितों ने गंगा का दुग्धाभिषेक और पूजन के साथ आंदोलन को गति देने की हुंकार भरी। तीर्थ पुरोहित सौरभ सिखौला ने कहा कि भाजपा सरकार के पास हरीश रावत सरकार की गलतियों को सुधारने का अवसर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को करोड़ों गंगा भक्तों की आस्था पर हुए इस कुठाराघात रुपी अध्यादेश को तत्काल वापस लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहित लगातार अपने यजमानों के संपर्क में हैं। सौरभ ने कहा अगर एक सप्ताह के भीतर मांग पूरी न हुई अनिश्चितकालीन धरना तय है। तीर्थ पुरोहित अनमोल वशिष्ठ ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों ने 1916 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। अब फिर से तीर्थ पुरोहित हरकी पैड़ी और मां गंगा को सम्मान वापस दिलाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। शहर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पराशर ने कहा कि मां गंगा हम सबकी मां है। तीर्थ पुरोहितों की मांग को लेकर पूरा व्यापारी वर्ग उनके साथ है। जल्द मांग पूरी न होने स्थिति में व्यापारी वर्ग भी सक्रिय रूप से धरना प्रदर्शन में शामिल होगा। इस दौरान श्री गुरु गोरक्षनाथ व्यापार मंडल अपर रोड़ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र जैन, अपर रोड़ व्यापार मंडल के महामंत्री अनिल सिंघल, वैभव शिवपुरी, अनिल कौशिक, सरदार रितेश, सचिन कौशिक, सुधीर श्रोत्रिय, सिद्धार्थ त्रिपाठी, हिमांशु ख्याली, नितिन पालीवाल, अभिषेक, सोनू चाकलान, चंदन जगता, धीरज पंचभैया आदि तीर्थ पुरोहित शामिल रहे।