जनपद के दुर्गम स्कूलों में तैनात शिक्षकों के जल्द ही अच्छे दिन आने वाले हैं। दुर्गम के स्कूलों में 400 नए सहायक अध्यापकों की तैनाती से पैदा हए असंतुलन को दूर करने के लिए वर्षों से तैनात शिक्षकों को सुगम के स्कूलों में भेजा जाएगा। शासन से समायोजन की हरी झंडी मिलने पर शिक्षा विभाग ने इसके लिए होमवर्क शुरू कर दिया है।
हरिद्वार में सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों की संख्या 851 है। इनमें करीब तीन हजार शिक्षक- शिक्षिकाएं तैनात हैं। विभाग और शासन का फोकस दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों पर ज्यादा है। पिछले दिनों 400 सहायक अध्यापकों को जिले दुर्गम के स्कूलों में तैनाती दी गई। इससे दुर्गम स्कूलों में शिक्षकों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई। समायोजन को लेकर शासन में हुई बैठक में दुर्गम में पहले से तैनात शिक्षकों को सुगम में लाने का फैसला लिया गया है। डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा ने समायोजन प्रक्रिया के लिए शिक्षकों की संख्या और तैनाती को लेकर ताजा अपडेट जुटाने के लिए बुधवार को सभी उपशिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई। जल्द ही समायोजन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
नगर क्षेत्र के स्कूलों का मिलेगा लाभ
हरिद्वार में नगर क्षेत्र के सरकारी प्राइमरी स्कूल शिक्षकों की तंगी से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में 100 से ज्यादा छात्र एक शिक्षक के भरोसे हैं। तबादला नीति शासन का विषय होने से विभाग के अधिकारी चाहकर भी इस दिशा में कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं थे। अब समायोजन प्रक्रिया शुरू होने से ऐसे स्कूलों को शिक्षक मिलने की उम्मीद जगी है।
सहायक अध्यापकों की तैनाती के बाद दुर्गम के स्कूलों में शिक्षक ज्यादा हो गए हैं, जबकि सुगम में शिक्षकों की कमी है। शासन के निर्देश पर समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत दुर्गम में वर्षों से तैनात शिक्षकों को सुगम के स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। -रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार