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शिक्षकों के फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच हो

Sat, 03 Dec 2016 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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जनपद में बड़े पैमाने पर सामने आए शिक्षकों के फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है। इस बाबत मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में राजकीय प्राइमरी स्कूल महतौली की शिक्षिका ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। जांच के नाम पर उत्पीड़न करने और फर्जीवाड़े से जुड़े शिक्षकों को बचाने का आरोप भी लगाया गया है।
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जनपद में अक्तूबर माह में प्राइमरी शिक्षकों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। जांच में बीटीसी की मार्कशीट और डोमिसाइल फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। जबकि नौ शिक्षकों को निलंबित भी किया जा चुका है। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस के कदम अचानक ठिठक गए हैं। विभाग अभी तक बर्खास्त शिक्षकों से रिकवरी नहीं करा पाया है, वहीं पुलिस जांच के नाम पर दागी शिक्षकों पर मेहरबान है। बहरहाल मामले में राजकीय प्राइमरी विद्यालय महतौली लक्सर की शिक्षिका बबीता यादव ने विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच के नाम पर बार बार उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, नौकरी छीनने का षड्यंत्र भी रचा गया।

मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में शिक्षिका ने फर्जीवाड़े से जुड़े माफिया और कुछ विभागीय कर्मचारियों की सांठगांठ की परतें उजागर की हैं। जिसमें बताया गया है कि फर्जीवाड़े के बड़े चेहरों को बचाया जा रहा है। जांच में ढिलाई इसलिए बरती जाती है, जिससे की कोर्ट से स्टे लिया जा सके। इस संबंध में आरटीआई में सूचना मांगने पर अधिकारी ही उन पर दबाव बना रहे हैं। शिक्षिका ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
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