हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने खनन और चुगान को लेकर बैठक बुलाने पर कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और उसमें शामिल होने वाले साधु-संतों पर हल्ला बोला है। उन्होंने कहा कि जब पहले एक बार 27 मई को खनन के समर्थन में बैठक की जा चुकी थी तो दूसरी इसी प्रकार की बैठक का औचित्य क्या था। दूसरे सवाल उठाते हुए कहा कि जो साधु-संत बैठक में शामिल थे उनका खनन से क्या लेना देना है। उन्होंने इन साधुओं को कथित साधु बताते हुए इनके खिलाफ अभियान छेड़ने की बात कही।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को अपने विभागीय कार्य देखने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री के क्या कार्य होते है यह आरटीआई लगाकर राज्यपाल से जानेंगे। उन्होंने कहा कि जिन अखाड़ों पर धर्म की रक्षा का काम होता है वह खनन की राजनीत कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात जो तथाकथित साधु बैठक में शामिल हुए उनमें से कई ऐशोआराम की जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग बताए कि साधु की परिभाषा क्या है। भंडारे खाने और गेरुवा वस्त्र पहनने से कोई साधु नहीं बन जाता। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाए कि एक पट्टा करने के 50 लाख रुपये तक लिए गए हैं। इसके अलाव ऊपर तक चढ़ावा पहुंचाया गया है। जिसको हजम करनेे के लिए यह सब आडंबर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब 27 मई को खनन समर्थकों की बैठक हो गई तो इस बार विरोध वाले लोगों के साथ बैठक होनी चाहिए थी। जिस तरह से मंत्री ने एनजीटी को भयानक जानवर कहा है इस पर उनके खिलाफ एनजीटी में मामला दर्ज कराएंगे। उन्होंने गंगाजल की ऑनलाइन बिक्री का भी विरोध किया। बोले कि गंगा का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए।
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केंद्र के दिशा निर्देशों पर तत्काल खोला जाए खनन
- विधायक ने मंत्री के विभागों के कार्यों पर उठाया सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को अपने विभागों में कार्य देखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मंत्री का मंसूबा ठीक नहीं है। वह लगातार खनन की वकालत कर रहे हैं, लेकिन खनन को खोल नहीं रहे हैं। अब 15 दिनों बाद खनन बंदी की घोषणा हो जाएगी। ऐसे में नौटंकी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार तत्काल खनन खोलने की बात कही।
बुधवार को वेद मंदिर में प्रेसवार्ता करते हुए विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है। अस्पतालों में मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। हरिद्वार के अस्पतालों में डाक्टर नहीं है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल नहीं हो रहा है। झूठी घोषणा करने में नंबर वन पर हो गए हैं। कैबिनेट मंत्री जिस तरह से खनन पर दिखावे की राजनीति कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। वह बताए जब केंद्र सरकार ने खनन की अनुमति जारी को निर्देश जारी कर दिए तो खनन खोलने में परेशानी क्या है। कांग्रेस की सरकार नहीं चाहती कि श्रेय केंद्र को मिले, लेकिन इससे प्रदेश और जनता का कितना नुकसान हो रहा है इससे इनका कोई मतलब नहीं रह गया है। चार दिनों में दो बार बैठक कर क्या निष्कर्ष निकाला, यह हरिद्वार की जनता को बताए।