हरिद्वार। सुभाषघाट प्लेटफार्म पर जर्जर बिजली का खंभा बदलने के चक्कर में शुक्रवार की रात कई घंटे तक और शनिवार को सुबह सात बजे से 3 बजे तक बिजली बंद रही। अमावस्या स्नान का दिन होने के कारण शुक्रवार से ही क्षेत्र के होटलों, धर्मशालाओं में यात्रियों की खासी भीड़ थी। बिजली नहीं होने से इन लोगों को खासी परेशानी की सामना करना पड़ा।
क्षेत्र निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि आनन-फानन में बिना इस्टीमेट के खंभा बदलने की योजना बनाई गई। शुक्रवार को रात में 10 बजे से 12.30 बजे तक ठेकेदार ने मनमर्जी से बिजली बंद कर दी। रात में लोगों द्वारा हंगामा किए जाने के बाद ठेकेदार ने काम बंद किया और लाइट चालू की। लाइट बंद करने का शटडाउन भी नहीं लिया गया और एमसीवी से सीधे लाइट बंद की गई। शनिवार को फिर सुबह सात बजे लाइट बंद की गई। बिजली का खंभा पूर्व के स्थान से हटाकर गाड़ने पर लोगों ने हंगामा किया।
खंभे का स्थान बदलने से संभावित खतरे के प्रति विद्युत वितरण उपखंड लालजीवाला के उपखंउ अधिकारी अमीचंद को अवगत कराया गया। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और खंभे की जगह बदलने को सही नहीं माना। लोगों ने गऊघाट पुल की सीढ़ियों को भी दिखाया और बताया कि ठेकेदार ने रात बिजली का खंभा पुल की सीढ़ियों से गिराया, जिससे दस सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने सीढ़ियों की मरम्मत कराने की मांग की।