हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के नेतृत्व में मृत्युजंय सभागार में संगीतमय ध्यान का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय सरोद वादक डा. अभिजीत घोष के संगीतमय ध्यान ने विद्यार्थियों को आनंद के सागर में डुबो दिया।
डा. घोष व डा. प्याली मिश्र की तुकबंदी के साथ मधुवंती, चारुकेशी व किरवानी आदि रागों में विद्यार्थियों ने ध्यान में डुबकी लगाई। करीब दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में डा. घोष ने कई राग प्रस्तुत करते हुए संगीत के माध्यम से ध्यान करने की नई तकनीक के बारे में बताया। राग मधुवंति के स्वर विस्तार के साथ अलाप तान व राग जोग पर छोटा ख्याल की प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ देसंविवि के कुलपति शरद पारधी एवं प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। डा. अभिजीत घोष एवं डा. प्याली मिश्र ने गायत्री परिवार प्रमुख डा. प्रणव पंड्या व श्रद्धेया शैल दीदी से भेंट परामर्श किया।