मुंबई से आई महिला संत राधे मां ने रविवार की तड़के हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए। गंगा में पॉलिथीन में दूध लेकर दुग्धाभिषेक भी किया। इस दौरान जूते पहनकर गंगा घाट पर पहुंचने को लेकर राधे मां एक बार फिर विवादों से घिर गई। हालांकि उनके भक्तों ने यह कहकर सफाई दी कि जूते कपड़े के थे।
राधे मां शनिवार को शहर से सटे सलेमपुर के पास हृदय विहार कालोनी में अपने अनुयायी मुकेश कुमार के यहां सत्संग में भाग लेने आई थी। रविवार की तड़के करीब चार बजे उन्होंने भक्तों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए। घाट पर पॉलिथीन की थैली से ही गंगा में दूध चढ़ाया। भक्तों के साथ मां गंगा के जयकारे लगाते हुए उन्होंने सुख समृद्धि की कामना की। हालांकि इस दौरान राधे मां के जूते पहनने और पॉलिथीन की थैली से दूध चढ़ाने और जूता पहनकर घाट पर आने पर विवाद भी हो गया। अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा के कार्यकर्ताओं ने राधे मां और उनके अनुयायियों पर गंगा की मर्यादा के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया। रामघाट पर हुई बैठक में अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने कहा कि जूते पहनकर गंगा घाट पर जाना निंदनीय है। बैठक में अमर आत्रेय, संदीप श्रोत्रिय, शिवम, रॉबिन, ईशान, पुनीत, चिराग, आशु, मनीष, आशीष मारवाड़ी आदि मौजूद रहे।