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जमीन पर पड़ी है संत की प्रतिमा

Wed, 13 Jul 2016 12:25 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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जमीन पर पड़ी है संत की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
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राजेश शर्मा
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हरिद्वार। कहां तो दक्षिण भारत के प्रसिद्ध संत और कवि तिरुवल्लुवर को सम्मान दिलाने के लिए उनकी प्रतिमा गंगातट पर लगाने की योजना बनी थी और कहां प्रतिमा को खुले आसमान के नीचे जमीन पर रख दिया है। कई दिन तक प्रतिमा डामकोठी में रखी रही और अब इसे सीसीआर (मेला नियंत्रण कक्ष) परिसर में ले जाकर जमीन पर लिटा कर रख दिया गया है, जहां बारिश का पानी जमा होने से प्रतिमा के आसपास गंदगी फैली हुई है।
राज्यसभा के पूर्व सांसद तरुण विजय की पहल पर तमिलनाडु के प्रख्यात संत और कवि तिरुवल्लुवर की प्रतिमा हरिद्वार में गंगा तट पर लगाने के लिए लाई गई थी। देहरादून में राजभवन में महामहिम राज्यपाल के द्वारा प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही 29 जून को यूपी के महामहिम राज्यपाल राम नाइक और मेघालय के महामहिम राज्यपाल षडमुगम ने डामकोठी पर प्रतिमा का अलंकरण किया था। पहले तीर्थ पुरोहितों के विरोध के कारण प्रतिमा को हरकी पैड़ी के पास लगाने का फैसला वापस लेना पड़ा। इसके बाद तय हुआ कि शंकराचार्य चौक के पास प्रतिमा को लगाया जाएगा। यहां संतों के विरोध के चलते प्रतिमा को नहीं लगाया जा सका। प्रतिमा कहां लगाई जाएगी इस बारे में फैैसला आज तक नहीं हो सका। कई दिन तक डामकोठी पर ही रखी रहने के बाद प्रशासन ने अब तीन दिन पहले प्रतिमा को मेला नियंत्रण कक्ष परिसर स्थित मैदान में ले जाकर लिटा कर रख दिया है। आधे प्रतिमा को तिरपाल से ढका गया है। जबकि आधा हिस्सा खुला हुआ है। उसके असपास पानी जमा हो गया है और पानी में कीड़े भी चल रहे हैं। खास बात यह है कि शहर में दक्षिण भारत के भी कई आश्रम हैं, लेकिन उनमें से भी कोई इस प्रतिमा के सम्मान के लिए आगे नहीं आया है।    
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 समन्वय की कमी से बिगड़ा मामला
पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय और प्रशासन के बीच प्रतिमा स्थापित करने को लेकर समन्वय नहीं होने के कारण यह हालात पैदा हुए। तरुण विजय का कहना है कि प्रतिमा लगाने के लिए दोनों ही जगह का चयन जिला प्रशासन ने किया था, प्रतिमा को समुचित सम्मान दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की है। जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि उनके साथ कोई समन्वय नहीं बनाया गया। तरुण विजय खुद ही कार्यक्रम तय करते रहे और अतिथियों को आमंत्रित करते रहे। स्थानीय स्तर पर संस्थाओं और संत समाज को विश्वास में नहीं लिया गया।
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प्रतिमा लगाने के लिए उपयुक्त भूमि के चयन का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही प्रतिमा का अनावरण कराया जाएगा। प्रतिमा को पूरा सम्मान मिलेगा और उसे किसी भवन में रखा जाएगा।
-हरबंस सिंह चुघ,  जिलाधिकारी 
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