rape ka Aaropi aur uska sathi giraftar.
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हरिद्वार। दिल्ली से लूटी गई फार्चूनर गाड़ी को कई दिन पहले बरामद किए जाने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाए रखने के आरोप में सिडकुल थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह, दारोगा दीपक कठैत और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर करने के अपने ही फैसले को एसएसपी राजीव स्वरूप ने नाटकीय घटनाक्रम के बीच बुधवार को रोक दिया। चारों पुलिसकर्मियों की देर रात पुलिस लाइन में आमद कराने के बाद बुधवार को वापस उसी तैनाती स्थल पर वापसी कर दी गई। एसएसपी का कहना है कि आदेश पर यह रोक कांवड़ मेले में व्यवस्था के लिए लगाई गई है।
सिडकुल के थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह, दारोगा दीपक कठैत और दो सिपाही रविंद्र और बलवंत को लाइन हाजिर कर दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने कई दिन पहले दिल्ली से लूटी गई फार्चुनर गाड़ी को कुछ संदिग्ध लोगों से बरामद किया था, लेकिन इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी गई जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध मान ली गई। देर शाम तक चले घटनाक्रम के बीच गढ़वाल रेंज के आईजी संजय गुंज्याल ने एसएसपी के आदेश पर रोक लगा दी थी। रातभर इस मामले को लेकर फिर घटनाक्रम चलता रहा। हालात ऐसे बने कि एसएसपी के आदेश का पालन करते हुए चारों पुलिसकम्रियों को देर रात पुलिस लाइन में अपनी आमद करानी ही पड़ी। इसके बाद बुधवार की सुबह एसएसपी ने अपना आदेश यह कहते हुए वापस ले लिया कि वरिष्ठ अधिकारियों से मिले मार्ग दर्शन और शहर में कांवड़ मेले की व्यस्तता को देखते हुए थनाध्यक्ष समेत सभी चारों कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई रोक दी गई है। एसएसपी ने बताया कि अब यह आदेश कांवड़ मेले के बाद प्रभावी माना जाएगा। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले के प्रभारी एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर को इन चारों से जरूरत के हिसाब से ड्यूटी लेने को कहा गया है।