हरिद्वार। आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने एसएसपी राजीव स्वरुप को झटका देते हुए उनके एसओ सिडकुल समेत चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के आदेश को निरस्त कर दिया। आईजी ने तर्क दिया कि, कांवड़ मेले के दौरान एसओ जैसे महत्वपूर्ण पद से ट्रांसफर करना सही नहीं है।
दरअसल पूरा मामला एक फारच्यूनर एसयूवी कार से जुड़ा है। दिल्ली के मौर्या एनक्लेव थाना क्षेत्र से लूटी गई यह कार रोशनाबाद में लावारिस मिली थी। एसएसपी राजीव स्वरुप का कहना है कि कार बरामद होने के संबंध में एसओ के स्तर से किसी भी उच्चाधिकारी को जानकारी नहीं दी गई। जब इस संबंध में उन्हें पता चला कि तब उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक राजगुरु से जांच कराई। एएसपी की जांच में कार के बरामद होने के संबंध में जानकारी न देने की बात सामने आई। न ही कार को लावारिस में दाखिल किया गया था। एएसपी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एसओ ऋतुराज सिंह रावत, तत्कालीन कोर्ट चौकी प्रभारी दीपक कठैत (वर्तमान में कांवड़ सेल) कांस्टेबल रविंद्र और बलवंत को लाइन हाजिर करने के आदेश एसएसपी ने कर दिए। अग्रिम जांच के लिए सीओ सदर जेपी जुयाल को निर्देश दिए गए। यह आदेश वायरलेस सैट पर भी प्रसारित हो गए, लेकिन दिन ढलते ढलते आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने आदेश को पलट दिया। आईजी ने अपने भेजे पत्र में कहा कि एसओ ने एसपी सिटी को इस बारे में अवगत करा दिया था, इसलिए किसी वरिष्ठ अफसर को जानकारी न होने का प्रश्न ही नहीं उठता है।
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मेरे से आईजी रेंज साहब ने पूरे मामले को लेकर आख्या मांगी थी, मुझे आदेश को निरस्त कर देने की जानकारी नहीं है। सीनियर अधिकारी के आदेश का पालन कराया जाएगा।
- राजीव स्वरुप, एसएसपी हरिद्वार
कांवड़ सर्वोपरि है। यह ट्रांसफर का समय नहीं है। जहां तक कार मिलने के संबंध में कोई जानकारी न देना है, तो एसपी सिटी को एसओ ने जानकारी दे दी थी। एसएसपी को आदेश की कापी भेज दी गई है।
- संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल रेंज