हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला, सप्तऋषि क्षेत्र में पानी की समस्या शनिवार को और विकट हो गई। कई क्षेत्रों में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं तो कहीं दूषित पानी की समस्या से लोग परेशान हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी ऐरा और ऐरा के अधिकारी राजमार्ग के अधिकारियों को इस समस्या के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। यही हाल जल निगम और जल संस्थान का है।
भूपतवाला में गंगा विहार कालोनी के पास शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग के कर्मियों की ओर से लाइन शिफ्ट की गई थी उसमें भी अब लीकेज शुरू हो गई है। राजमार्ग से भट्टा कालोनी की ओर जाने पर रोड के मुहाने पर एक माह से पानी की लाइन तोड़ कर छोड़ी हुई है। इस लाइन से दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। दूधाधारी चौक से सप्तऋषि चैक पोस्ट तक हाईवे के दोनों ओर लीकेज हैं। जिसकी वजह से लोग परेशान हैं।
इनसेट
टैंकर से जलापूर्ति
हरिद्वार। शनिवार को जल संस्थान ने पाइपलाइन ठीक नहीं होने पर टैंकर भेजकर कई कालोनी वासियों की प्यास बुझाई। जेई रमेश बमराड़ा ने बताया कि राजमार्ग के अधिकारी पानी की लाइनों को तोड़ तो रहे हैं लेकिन ठीक नहीं करवा रहे हैं। मुख्य पाइप लाइनों के साथ कालोनियों की ब्रांच वितरण लाइनें तक तोड़ दी गई हैं।
--------------
डीएम ने पेयजल प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण
सोमवार को बैठक बुलाई, भीमगोडा में टंकी से होगी जलापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने शनिवार को जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को तलब किया और उन्हें साथ लेकर पेयजल से प्रभावित क्षेत्रों को निरीक्षण किया। भीमगोडा में उच्च जलाशय से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को दिए।
गौरतलब है कि 26 नवंबर को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में मनोनीत सभासद उमा गुजराल ने शिकायत की थी कि जल निगम ने पांच साल पूर्व पानी की टंकी तो बना दी है लेकिन उससे जलापूर्ति नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने डीएम को इसे देखने के लिए कहा था। डीएम ने बताया कि यह बात सही पाई गई कि टंकी से जलापूर्ति नहीं की जा रही है। लेकिन टंकी पानी से भरी हुई थी। उसे चालू कराकर भी उन्होंने देखा है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम और जल संस्थान के जलकल अभियंता एलसी रमोला को साथ लेकर दूधाधारी चौक क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने हाईवे चौड़ीकरण में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को भी देखा। क्षेत्रवासी एक माह से जल संकट और लीकेज से दूषित जल की समस्या से जूझ रहे हैं। डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग और ऐरा कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया था, लेकिन वह शहर में नहीं थे। इसलिए सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग, ऐरा, जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने बताया कि पानी की लाइनों को शिफ्ट करने का काम भी राष्ट्रीय राजमार्ग का है। चारों विभागों को समन्वय बनाया जाएगा। भीमगोडा में डीएम के निरीक्षण के दौरान उमा गुजराल, मधुकांत गिरि, कैलाश भट्ट, भोपाल सिंह बिष्ट, श्रवण गिरि व जयशंकर शर्मा आदि उपस्थित रहे।