हरिद्वार। हरी झंडी मिलने के बाद भी पैरामिलिट्री फोर्स की छह कंपनियों के अर्द्धकुंभ में ड्यूटी पर न पहुंचने का मामला गर्मा गया है। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द छह कंपनियां हरिद्वार पहुंचेंगी।
अर्द्धकुंभ शुरू हो चुका है। एसएसबी, आईटीबीपी, सीआईएसएफ की कंपनियां भी अर्द्धकुंभ की सुरक्षा के लिए पहुंच चुकी है। लेकिन सीआरपीएफ एवं आरएएफ की छह कंपनियां अब तक नहीं पहुंची। जबकि उन्हें एक जनवरी तक पहुंचना था। कंपनियों के नहीं पहुंचने पर आईजी अर्द्धकुंभ मेला जीएस मर्तोलिया ने डीजीपी बीएस सिद्धू को अवगत कराया। लेकिन तब भी बात नहीं बन पाई। सोमवार को अर्द्धकुंभ के निर्माण कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत का ध्यान इस तरफ आईजी जीएस मर्तोलिया ने खींचा। सीएम ने मामले को गंभीरता से लिया, उसके बाद आनन-फानन में राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र भेजा गया। इसमें राज्य सरकार ने जल्द पैरामिलिट्री फोर्स उपलब्ध कराने की गुजारिश की है।
कोट
आरपीएफ एवं आरएएफ की एडवांस पार्टी यहां आकर एक बार व्यवस्थाएं देखकर जा चुकी हैं। उन्हें एक तारीख को आना था लेकिन नहीं पहुंच पाई। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया गया है। उम्मीद है कि जल्द यह कंपनियां हरिद्वार पहुंच जाएगी।
जीएस मर्तोलिया, आईजी अर्द्धकुंभ मेला