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तीन घंटे में चले छह किलोमीटर

Sun, 05 Jun 2016 11:54 PM IST
hridwar uttrakhanda india
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जाम ने फुलाया दम - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं के साथ शनिवार और रविवार को उमड़ी पर्यटकों भीड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ शहर के अंदर जाम ने लोगों का दम फूला दिया। सड़कों पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। जाम की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोतीचूर फाटक से चंडीघाट चौक तक करीब छह किलोमीटर का सफर लोगों ने तीन घंटे में पूरा किया। इस दौरान लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस को भी जाम खुलवाने में पसीने छूट गए।
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इस साल चारधाम यात्रा पिछले तीन सालों के मुकाबले बेहतर चल रही है। हर रोज यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जिससे हाईवे सहित बाजार के अंदर वाहनोें का दबाव बढ़ गया है। शनिवार और रविवार को हरिद्वार व ऋषिकेश घुमने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। जिससे दो दिन दबाव कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन पुलिस की व्यवस्थाएं सामान्य दिनों की तरह होती है। इसकी खामियाजा यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है। रविवार को भी यही हुआ। शनिवार की शाम से ही हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया था। रविवार की सुबह हालात और भी ज्यादा खराब हो गए। सुबह करीब चार बजे से ही लगने लगा जाम दिनभर जारी रहा । सुबह करीब दस बजे से तो वाहन रेंग-रेंग कर भी नहीं चल पा रहे थे। जाम में फंसे लोगों को चंडीघाट से मोतीचूर फाटक तक की दूरी करीब तीन घंटे से भी ज्यादा समय में तय करनी पड़ी। इसके बाद भी पुलिस ने अपनी तरफ से कोई ठोस यातायात प्लान नहीं बना सकी। स्थिति बिगड़ती गई और पुलिस नदारद। दोपहर साढ़े बारह बजे जाकर पुलिस अधिकारियों की नींद टूटी। इसके बाद ही एसएसपी राजीवस्वरूप और एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर व्यवस्था संभालने उतरे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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50 रुपये में बिकी पानी की बोतल
हरिद्वार। हाईवे पर जाम में फंसे यात्रियों को गर्मी और पानी की कमी से जूझना पड़ा। स्थिति यह थी कि हाईवे के किनारे की दुकानों पर बीस रुपये की पानी की बोतल 50 रुपये में बिकी। इस दौरान बच्चे सबसे ज्यादा परेशान रहे। मनमाने दामों पर पानी की बोतल बेच रहे लोगों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। देहरादून से हरिद्वार आए गाजियाबाद निवासी नीरज कुमार ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ मसूरी घूमकर लौट रहे थे। पानी खत्म हो जाने के कारण बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में शांतिकुंज के आसपास पचास रुपये में पानी की बोतल खरीदनी पड़ी।
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