हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत पर फिर निशाना साधा है। कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर ही जिले में चोरी छिपे खनन किया जा रहा है। खनन माफिया और प्रशासन आपस में मिले हुए हैं। माफिया उनके फोन को भी टेप करा रहा है। उन्होंने दो दिन पहले रातभर अवैध खन कराने करा आरोप लगाते हुए डीआईजी और एसएसपी को शिकायत की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
शनिवार को मातृसदन में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री पर पैसे लेकर खनन कराने का आरोप लगाया। कहा कि टांडा भागमल में तीन पट्टे हाईकोर्ट के आदेश पर खोल दिए गए थे। जिसकी जांच केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की टीम ने दो मई को हरिद्वार पहुंचकर की थी। इसकी रिपोर्ट 13 जून को मातृसदन को प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पहाड़ से गंगा में किसी भी प्रकार का पत्थर या बोल्डर बहकर नहीं आता। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1998 में हुए चंडीपुल पर खनन के गड्ढे अभी तक नहीं भरे हैं। पत्थर आते तो पहले यह गड्ढे भर जाते। कहा कि गलत बिंदुओं पर पट्टों को खोला गया था। इस कारण ही दोबारा उन पट्टों को बंद किया गया है। कहा कि जब खनन बंद है तो स्टोन क्रशर कैसे चल रहे हैं। कहा कि मंत्री दिनेश अग्रवाल का स्टोन क्रशर है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी खनन के मामले पर तथाकथित साधुओं के साथ बैठक करते हैं। जो साधु गंगा में खनन के पक्ष में हैं वह साधु नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट भी यह तय नहीं कर सकती कि खनन होगा या नहीं कैबिनेट केवल नीति तय कर सकती है।