मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती का अनशन (तप) समाप्त कराने के लिए रविवार की पूरी रात जिला प्रशासन की कोशिशें सफल नहीं रही। पूरी सरकार मनाने और उठाने में लगी रही इसके बाद भी स्वामी शिवानंद नहीं झुके। देर रात में राजस्व और पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से फोन पर बात होने के बाद भी खनन बंद नहीं किए जाने, मुख्य सचिव और डीएम हरिद्वार समेत पांच अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए चार दिन पहले जल भी त्याग दिया था। रविवार को प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ कनखल जयदेव आर्य और कनखल थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह आदि भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ स्वामी शिवानंद को जबरन उठाने पहुंचे थे । इसके लिए उनके पूजागृह कक्ष में बने कमरे तक पहुंचने के लिए चैनल गेट को भी काटने का प्रयास किया था। स्वामी शिवानंद सरस्वती के यह चेतावनी देने पर कि यदि चैनल गेट काटने का प्रयास किया गया तो वे मशीन में अपना हाथ कटवा देंगे, जिस पर प्रशासन के कदम ठिठक गए थे। रात 12 बजे तक चले जोर जबरदस्ती के बाद सुबह पांच बजे तक स्वामी शिवानंद सरस्वती को मनाने के लिए अधिकारी मातृसदन में ही बैठे रहे। उन्हें जलग्रहण करने के लिए लगातार मनाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन वे नहीं माने।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बताया कि मध्य रात्रि में अधिकारियों ने पेयजल और वित्त मंत्री प्रकाश पंत से भी उनकी बात फोन पर कराई थी । प्रकाश पंत ने उनसे जल ग्रहण करने और अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था, लेकिन जब उन्होंने गंगा में खनन बंद करने की बात कही तो प्रकाश पंत ने मुख्यमंत्री से बात करने के लिए कहकर कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मातृसदन का संघर्ष गंगा के लिए है। उनका जीवन गंगा की रक्षा को समर्पित है इसलिए गंगा के लिए लड़ते रहेंगे।
स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाया कि खुद हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारी उन संतों का दमन करने पर उतर आए हैं जो इन आदेशों पर अमल कराने के लिए अनशन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अनशन भी नहीं करने दिया जाएगा। दोहराया कि उनकी मांगों पर अमल हुए बिना वे अन्न जल ग्रहण नहीं करेंगे और अपने किसी शिष्य का बलिदान देने के बजाय गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देंगे।
सीएम और डीएम पर करेंगे केस
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती ने कहा कि जिस तरह से अधिकारी पुलिस बल और मजदूरों के साथ रविवार की रात मातृसदन में घुसे और पूजा घर के ताले और चैनल गेट आदि तोड़ने का प्रयास किया वह पूरी तरह असंवैधानिक और गैरकानूनी है। इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर मातृसदन के संतों की हत्या कराने के लिए षड्यंत्र करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मातृसदन की ओर से मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसडीएाम, नगर मजिस्ट्रेट, थानाध्यक्ष कनखल और रात के घटनाक्रम में शामिल रहे अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।