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खनन के विरोध में शिवानंद की तपस्या

Mon, 07 Dec 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। गंगा में अवैध खनन बंद करने की मांग को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद सरस्वती की तपस्या के दसवें दिन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने भी तपस्या शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने जल ग्रहण किया लेकिन मंगलवार से जल का भी त्याग कर देंगे।
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स्वामी शिवानंद सरस्वती ने राज्य सरकार के नाम तीन दिन पहले दस सूत्री ज्ञापन भेजकर गंगा में हो रहे अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने खुद तपस्या पर बैठने की चेतावनी दी थी। लेकिन कहीं कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार से वह तपस्या पर बैठ गए। मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अवैध खनन रोकने के लिए गंभीर नहीं है। नियमानुसार पांच हेक्टेयर से कम की जमीन के पट्टे पर खनन नहीं हो सकता। लेकिन क्षेत्र में इसकी पूरी देखी अनदेखी की जा रही है। चेन्नई में हुई अतिवृष्टि के बाद जानमाल के नुकसान पर उन्होंने कहा कि वहां 55 तालाबों को पाटकर आशियाना बनाया जा रहा था। जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया था। लेकिन हस्ताक्षर अभियान में महज 200 लोगों ने हस्ताक्षर किए। जिसका परिणाम आपदा के रूप में सामने आया। खनन पर संतों के समर्थन पर उन्होंने कहा कि जो साधु तीर्थ की महत्ता, गंगा की महत्ता, सत्य बोलने वाले हैं वे साधु उनके समर्थक हैं। तपस्या कब तक चलेगी इस पर उन्होंने कहा कि यह या तो मुख्यमंत्री हरीश रावत जानेंगे या फिर परमात्मा।  
पत्रकार वार्ता में परमाध्यक्ष ने कहा जब सरकार हरिद्वार से 100 किलोमीटर दूर देवप्रयाग को कुंभ मेला क्षेत्र में शामिल कर सकती है तो भोगपुर तक के क्षेत्र को क्यों शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जियापोता तक के क्षेत्र को भी कुंभ मेला क्षेत्र में मातृसदन ने घोषित करवाया था। उन्होंने कहा कि कुंभ-अर्द्धकुंभ के यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कुंभ क्षेत्र के लिए दुगुनी से ज्यादा जमीन की आवश्यकता है। कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुंभ क्षेत्र को बढ़ाना आवश्यक है।
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दूसरे जिलों के डाक्टरों से परीक्षण को तैयार
तपस्या कर रहे स्वामी आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य की जांच करने आ रहे जिला अस्पताल की टीम लौटाने पर स्वामी शिवानंद ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार दूसरे जिलों के डाक्टरों से जांच करवाती है तो वह तैयार हैं, लेकिन जिला अस्पताल के डाक्टरों पर उन्हें कतई भरोसा नहीं है।
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एसडीएम ने की मुलाकात
स्वामी शिवानंद की तपस्या को लेकर रविवार देर रात एसडीएम प्रत्यूष सिंह ने मातृसदन में स्वामी शिवानंद से वार्ता की, लेकिन वार्ता सकारात्मक न होने से कोई हल नहीं निकल पाया।
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महिलाओं का सामाजिक सेना को समर्थन
हरिद्वार। गंगा में चुगान के लिए खोले जाने को लेकर सामाजिक सेना के जिला उपप्रमुख सरफराज अंसारी की ओर से किया जा रहा आमरण अनशन छठे दिन जारी रहा। अजीतपुर की महिलाओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। अधिकतर महिलाओं का कहना था कि उनका परिवार गंगा में चुगान से पल रहा है, इसलिए चुगान की अनुमति देना जरूरी है। यदि यह बंद होता है वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पालिका के पूर्व अध्यक्ष कमल जौरा ने भी धरना स्थल पर आकर समर्थन दिया। सामाजिक सेना के महानगर प्रमुख आकाश शर्मा ने कहा कि चुगान बंद कराने के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। समर्थन देने वालों में नीलम, बिरमी, शकुंतला, संगीता, ओमबती, शिमला, सरस्वती, ललिता, भूरिया, अनिल शर्मा, राजीव भास्कर आदि मौजूद रहे।
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पार्क प्रशासन ने मारा छापा
हरिद्वार। बिशनपुर क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत पर पार्क प्रशासन ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अवैैध खनन करने वालों में अफरातफरी मच गई। लेकिन कोई आरेपी हत्थे नहीं चढ़ा।
राजाजी टाइगर रिजर्व के रेंजर डीपी उनियाल राजाजी टाईगर रिजर्व की सीमा के दस किलोमीटर की परिधि में काफी समय से अवैध खनन होने की सूचना आ रही थी। संबंधित रेंज कार्यालय की ओर से रिपोर्ट से मुख्यालय को अवगत कराया। राजाजी टाइगर रिजर्व मुख्यालय के निर्देश पर चीला और हरिद्वार रेंज की संयुक्त टीम ने सोमवार दोपहर 12 बजे बिशनपुर झरडा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी की। पार्क टीम को देख बुग्गी वाले और ट्रैक्टर वाले भागते दिखे। इस दौरान क्रशरों के आसपास भी कोई नहीं दिखा। बताया कि मंगलवार को भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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