हरिद्वार। जनवरी-2016 से अर्द्धकुंभ मेला शुरू होने जा रहा है। इस बार भी करोड़ों यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए धर्मनगरी में सुविधाओं का जाल बिछाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी दिक्कत न हो इसके लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है।
मेले की व्यवस्थाएं करने वाले मेला प्रशासन के अधिकतर कार्यालय हरकी पैड़ी के पास स्थित मेला नियंत्रण कक्ष में रहते हैं। यह विशालतम भवन वर्ष 2004 में हुए अर्द्धकुंभ के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी ने तैयार करवाया था। इस भवन के बनने से प्रशासन की लक्खी मेलों के अवसर पर बनाए जाने वाले कार्यालयों को लेकर समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। इस बार पीले और लाल रंग से इस भवन को सजाया गया है जो सभी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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सात पुलों का हो रहा निर्माण
अर्द्धकुंभ के लिए इस समय शहर में स्थायी और अस्थायी सात पुल बनाए जा रहे हैं। ज्वालापुर में लालपुर के पास बन रहा पुल तो क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। क्योंकि यहां रेलवे पुल के आसपास आवागमन का कोई और विकल्प नहीं होने के कारण पांच वर्षों में कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। हरकी पैड़ी के सामने तीन पुलों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा बिरला पुल के पास और भाटिया भवन के पास भी पैदल पुल का निर्माण किया जा रहा है जो मेले के दौरान कारगर साबित होगा।
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हिल बाईपास मार्ग दिलाएगा जाम से मुक्ति
हिल बाईपास मार्ग के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। इस पर करीब 52 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है। मुख्य स्नान पर्वों के दौरान जब शहर का यातायात बाधित हो जाता है तो यह मार्ग आवागमन के लिए बेहतर विकल्प बनेगा। लोग इसे कुंभ के दौरान नहीं बल्कि नियमित रूप से खोलने की मांग कर रहे हैं।
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नए कलेवर में दिखेगी पैड़ी
हरकी पैड़ी के विस्तार का काम शुरू हो चुका है। यहां कांगड़ा घाट और महिला घाट आदि को हटाकर हरकी पैड़ी का विस्तार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं के लिए और सुविधाएं जुटाई जा सकें।
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सुरक्षा पर भी फोकस
अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत सुरक्षा पर भी फोकस किया जा रहा है। 15 करोड़ की लागत से पुलिस के लिए प्रशिक्षण केंद्र, अग्निशमन केंद्र के लिए भवन और अन्य काम कराए जा रहे हैं। नगर निगम परिसर में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से अतिथिगृह भी बनाया जा रहा है। 10 करोड़ रुपये खर्च करके पेयजल की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कोट
राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित है। केंद्र की ओर से बजट नहीं मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिस तरह से अर्द्धकुंभ के कार्यों को गति दी है वह रिकॉर्ड है। निर्धारित समय में कामों को पूरा किया जाएगा।
-पुरुषोत्तम शर्मा, ओएसडी, मुख्यमंत्री