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तालाब में तब्दील हुआ सिडकुल हाईवे

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छह सौ से भी ज्यादा उद्योगों का भार उठाने वाला सिडकुल हाईवे बदहाल स्थिति में है। जल निकासी न होने से हाईवे के गड्ढों में जलभराव हो गया है। इससे यह हाईवे कम तालाब ज्यादा नजर आ रहा है। वाहन तो दूर यहां से पैदल चलने वालों का निकलना भी दूभर हो गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल पर शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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वर्ष 2005 में सिडकुल की स्थापना के वक्त यहां से बहादराबाद को जोड़ते हुए हाईवे का निर्माण किया गया था, लेकिन जरूरत और मानकों के हिसाब से इस हाईवे के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। फलस्वरूप दोनों और पानी की निकासी के लिए नाले का समुचित निर्माण नहीं किया गया है। सड़क भी ऊबड़-खाबड़ बनाई गई, जो इस वक्त जगह-जगह टूट गई है। सलेमपुर से लेकर राजा बिस्कुट मोड तक कई जगह गहरे गहरे गड्ढे बने हुए हैं। सर्विस लेन के लिए जो जगह छोड़ी गई थी, वहां भी कीचड़ के चलते बुरे हालात हो गए हैं। स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। रात के समय इस हाईवे पर चलना बेहद जोखिम भरा है। क्षेत्रवासी विवेक चौहान ने बताया कि उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी शिकायत की। मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी कई बार पत्र लिखे, लेकिन समस्या का समाधान कहीं से भी नहीं हुआ। उन्होंने अब नए सिरे से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस अहम सड़क को दुरुस्त कराने की अपील की है। विवेक चौहान के साथ ही राकेश कुमार, राव फरम, अरविंद सिंह, प्रदीप चौहान, राम कुमार चौहान, सुधीर तिवारी, अर्जुन चौहान, शशांक चौहान, आशीष चौहान, निशांत चौहान, रोहित चौहान, स्वराज सिंह, अंकुर चौहान, विनय चौहान, अनुज चौहान, प्रवीण शर्मा, हितेश चौहान, उपकार सिंह, विरल प्रताप आदि ने भी सीएम और डीएम को पत्र भेजकर हाईवे का निर्माण कराने की मांग की है।
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